मुजफ्फरनगर के सिसौली में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) द्वारा चार दिवसीय प्राकृतिक खेती कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यशाला 22 मार्च रविवार से 25 मार्च तक चलेगी। इसमें पद्मश्री डॉ. सुभाष पालेकर किसानों को आत्मनिर्भर खेती के गुर सिखाएंगे। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने बताया कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य ‘कर्ज माफी नहीं, कर्ज मुक्ति’ के विचार को बढ़ावा देना है। इसका लक्ष्य किसानों को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें प्राकृतिक खेती की ओर लौटने के लिए प्रेरित करना है। कार्यशाला में किसानों को रासायनिक खाद और कीटनाशकों के बिना खेती करने की तकनीक सिखाई जाएगी। इसमें देशी गाय के गोबर और गोमूत्र का उपयोग कर प्राकृतिक तरीके से खेती करने पर जोर दिया जाएगा। किसानों को कम पानी में अधिक उत्पादन, देशी बीजों का उपयोग और लागत कम कर आय बढ़ाने के तरीके भी बताए जाएंगे। ‘फूड फॉरेस्ट’ और पंच स्तरीय बागवानी मॉडल के माध्यम से एक एकड़ भूमि में आर्थिक और भोजन आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के उपाय समझाए जाएंगे। युवाओं को ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। कार्यशाला में यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि पारंपरिक रासायनिक और विदेशी कृषि पद्धतियां किस प्रकार भूमि, जल, पर्यावरण और जैव विविधता को नुकसान पहुंचा रही हैं। इसके विपरीत, प्राकृतिक खेती को इन समस्याओं का स्थायी समाधान बताया जाएगा। यह कार्यशाला प्रतिदिन सुबह 8:30 बजे से शाम 8:30 बजे तक चलेगी। इसमें देशभर से किसान भाग लेंगे। आयोजकों का मानना है कि यह पहल किसानों को कर्ज के जाल से बाहर निकलने और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक नई राह दिखाएगी।

Leave a Reply