देवरिया में उत्तर प्रदेश मिलेट्स पुनरोद्धार कार्यक्रम के तहत कृषि कल्याण केंद्र, बैतालपुर में शनिवार को एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण, मिलेट्स मेला और प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में किसानों को मोटे अनाज ‘श्री अन्न’ की खेती, पोषण मूल्य और बाजार की संभावनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही रहे, जबकि डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस दौरान कृषि, उद्यान, मत्स्य और पशुपालन विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए, जहां किसानों को सरकारी योजनाओं और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी दी गई। विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी ने कहा कि प्रदेश सरकार सभी वर्गों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और पिछले नौ वर्षों में कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने किसानों से सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर आय बढ़ाने का आह्वान किया।
कृषि वैज्ञानिक डॉ. मान्धाता सिंह ने बताया कि मिलेट्स की खेती कम पानी और कम लागत में संभव है तथा इसमें कीट और रोगों का प्रकोप भी कम होता है। वहीं प्रो. रामप्रीत मणि त्रिपाठी ने कहा कि बाजरा, सांवा और कोदो जैसे मोटे अनाज स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी हैं।
बीआरडी पीजी कॉलेज के विभागाध्यक्ष डॉ. जीसी त्रिपाठी ने बताया कि मिलेट्स में विटामिन-बी और फाइबर प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो पाचन तंत्र को मजबूत करने के साथ मधुमेह और रक्तचाप के रोगियों के लिए भी फायदेमंद हैं। उप कृषि निदेशक सुभाष मौर्य ने किसानों को विभागीय योजनाओं की जानकारी देते हुए प्राकृतिक खेती, दलहनी-तिलहनी फसलों और मक्का उत्पादन को बढ़ावा देने पर जोर दिया। वहीं मुख्य विकास अधिकारी ने महिला स्वयं सहायता समूहों को भी मिलेट्स योजना से जोड़ने की बात कही। मुख्य अतिथि कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि धान और गेहूं की तुलना में मिलेट्स में अधिक पोषक तत्व होते हैं और इसकी खेती व उपयोग को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

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