ललितपुर में शुक्रवार शाम हुई बारिश और ओलावृष्टि से 30 से अधिक गांवों में किसानों की गेहूं, मटर और चना की फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। फसलों को हुए भारी नुकसान के बाद किसान मुआवजे और बीमा की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं। शनिवार को ग्राम करमई, पुरा पाचोनी और निवाओ सहित कई गांवों के किसानों ने जिलाधिकारी कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान करमई गांव के किसान बोरे में ओले भरकर जिलाधिकारी आवास पहुंचे और अपनी खराब हुई फसलों का प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं और भारतीय किसान यूनियन के नेताओं ने भी किसानों के समर्थन में जिलाधिकारी आवास पर प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द फसलों का सर्वे कराकर किसानों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की। प्रदर्शन कर रहे किसानों की समस्याओं को सुनने के बाद, अधिकारियों ने उन्हें उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
इसी क्रम में, ग्राम सेमरा बुजुर्ग के किसानों ने शनिवार को बार-बानपुर मार्ग पर चार घंटे तक जाम लगाकर प्रदर्शन किया। उन्होंने मांग की कि ओलावृष्टि और बारिश से खराब हुई फसलों का सर्वे लेखपालों के बजाय उच्च अधिकारियों द्वारा कराया जाए। उपजिलाधिकारी के आश्वासन के बाद किसानों ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया। विकास खंड बार के ग्राम कारीटोरन के 50 से अधिक किसानों ने भी जिलाधिकारी आवास पहुंचकर उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने भी अपनी क्षतिग्रस्त फसलों के लिए मुआवजे की मांग की।
इसके अतिरिक्त, विकास खंड बिरधा के ग्राम मेनवारा के कई किसानों ने भी मुख्यालय आकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर ओलावृष्टि से खराब हुई फसलों के लिए मुआवजे की मांग की। दूसरी ओर, जिलाधिकारी सत्य प्रकाश के निर्देश पर सभी तहसीलदार, उपजिलाधिकारी और लेखपाल गांवों में पहुंचे और फसलों के नुकसान का सर्वे शुरू कर दिया है। उपजिलाधिकारी सदर मनीष विश्वकर्मा ने ग्राम भैंसाई, बिरधा और खडेरा का दौरा किया, जहां उन्होंने प्रभावित किसानों की समस्याएं सुनीं।

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