बरेली में मिशन शक्ति 5.0 के तहत एक बाइक रैली का आयोजन किया गया। इस रैली ने महिला सशक्तिकरण के संदेश को केवल सुरक्षा तक सीमित न रखकर आत्मनिर्भरता और सामाजिक भागीदारी तक विस्तृत किया। यह आयोजन एक सरकारी पहल से बढ़कर एक सामाजिक आंदोलन का रूप लेता दिखा, जिसमें महिलाएं अपनी सुरक्षा और अधिकारों का नेतृत्व करती नजर आईं। रिजर्व पुलिस लाइन से अपर पुलिस महानिदेशक रमित शर्मा ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसमें पुलिस अधिकारियों, बड़ी संख्या में महिला पुलिसकर्मियों, समाजसेवियों और आम नागरिकों ने भाग लिया। शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी इस रैली ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया और यह संदेश दिया कि महिला सशक्तिकरण अब केवल सरकारी नीतियों का नहीं, बल्कि जनभागीदारी का अभियान बन गया है। अपर पुलिस महानिदेशक रमित शर्मा ने बताया कि मिशन शक्ति एक सतत प्रयास है। इसका उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित माहौल प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर और जागरूक बनाना भी है। उन्होंने कहा कि इसी कारण इस अभियान में साइबर सुरक्षा, हेल्पलाइन सेवाओं और कानूनी जागरूकता जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर भी जोर दिया जा रहा है। इस पहल की एक खास बात यह रही कि इसमें जमीनी स्तर पर कार्यरत एंटी रोमियो टीम, महिला बीट अधिकारी और महिला सुरक्षा दल की सक्रिय भागीदारी देखी गई। ये टीमें केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि गांवों और शहरों में जाकर महिलाओं को उनके अधिकारों और सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक भी कर रही हैं। बाइक रैली के माध्यम से प्रशासन ने यह भी संकेत दिया कि अब महिला सुरक्षा केवल प्रतिक्रियात्मक नहीं रहेगी। इसे रोकथाम, जागरूकता और आत्मबल के माध्यम से मजबूत किया जाएगा। आने वाले दिनों में नुक्कड़ नाटक, संवाद सत्र और प्रशिक्षण कार्यक्रम इस अभियान को और अधिक प्रभावी बनाएंगे।

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