रामपुर के विकास भवन में ‘नई शिक्षा नीति एवं रोजगार’ विषय पर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम नव निर्माण के नौ वर्ष पूरे होने के अवसर पर हुआ। इसका मुख्य उद्देश्य नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन और उससे उत्पन्न होने वाले रोजगार के अवसरों पर विस्तृत चर्चा करना था। गोष्ठी का शुभारंभ उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के उपाध्यक्ष सूर्य प्रकाश पाल, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष मोहन लाल सैनी और जिला विकास अधिकारी हरीश चन्द्र ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर जिला विद्यालय निरीक्षक अंजली अग्रवाल, प्रभारी सेवायोजन अधिकारी मनोज कुमार समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी, प्रधानाचार्य, शिक्षक, विशेषज्ञ और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
वक्ताओं ने नई शिक्षा नीति की प्रमुख विशेषताओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह नीति विद्यार्थियों के समग्र विकास को ध्यान में रखकर बनाई गई है। इसमें पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ कौशल आधारित शिक्षा, डिजिटल लर्निंग और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों पर विशेष जोर दिया गया है। विशेषज्ञों ने कहा कि नई शिक्षा नीति से युवाओं को स्थानीय और वैश्विक स्तर पर बेहतर रोजगार के अवसर मिलेंगे। इससे उद्यमिता और नवाचार को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे युवा आत्मनिर्भर बन सकेंगे। प्रतिभागियों ने शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, तकनीकी संसाधनों की उपलब्धता और रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों के विस्तार पर अपने सुझाव दिए। युवाओं को सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं से जुड़ने के लिए भी प्रेरित किया गया। वक्ताओं ने सर्वसम्मति से कहा कि नई शिक्षा नीति देश के युवाओं के भविष्य को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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