मथुरा में गौरक्षक चंद्रशेखर बाबा (65) की ट्रक से कुचलकर मौत हो गई। वह फरसा वाले बाबा के नाम से मशहूर थे। बताया जा रहा है कि परसा वाले बाबा को सूचना मिली थी कि एक ट्रक में गायों को ले जाया जा रहा है। इसी सूचना के आधार पर वे अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचे और ट्रक को रोकने का प्रयास किया। आरोप है कि ट्रक चालक ने रुकने के बजाय वाहन सीधे उनके ऊपर चढ़ा दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद गौ-रक्षक संगठनों और संत समाज में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। कई लोगों ने इसे “गौ-हत्या से भी बड़ा अपराध” बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। एक संत के ऊपर ट्रक चढ़ा देना काफी दुखद – शंकराचार्य शंकराचार्य ने कहा – उत्तर प्रदेश के हमारी सरकार के सदस्यों द्वारा कहा गया था कि उत्तर प्रदेश में गाय को कोई खरोज नहीं लगेगा। लेकिन यहां तो गाय छोड़िए गौ रक्षकों के ऊपर भी प्रहार किए जा रहे हैं। अभी बड़े दुख के साथ कहना पड़ रहा है। मन में बड़ा आक्रोश है कि ईद के अवसर पर गौकसी को रोकने के लिए हमारे गौ भक्त लगे हुए थे। उनमें से वृंदावन के परसा वाले बाबा ने एक गायों से लदे ट्रक को रोकना चाहा। इतना मन बढ़ा हुआ है गौ हत्यारों का कि उन्होंने उनके ऊपर ही ट्रक चढ़ा दी। उनके प्राण चले गए। शंकराचार्य – सरकार कह कुछ और रही कर कुछ और रही परसा वाले बाबा गौ माता की रक्षा के लिए समर्पित थे। जहां से भी गौ माता के कोई भी बात आती थी वहां पर सबसे पहले पहुंच के खड़े होने वाले लोगों में से एक उनकी पूरी टीम एकका एक असहाय सा महसूस करने लग गई। उन्होंने कहा कि कहां है उत्तर प्रदेश की सरकार जो गौ रक्षों के मन को बोल दे। उन्होंने कहा इस समय सरकार के कुछ और रही है और हो कुछ और रहा है। गौ रक्षों को इस बारे में अब आगे आना होगा और आगे आगे अपने बाल को स्वयं बढ़ाना होगा शंकराचार्य ने मांग की है कि जो भी दोषी है उन्हें तत्काल पकड़ा जाए। पकड़ने के बाद उनके ऊपर कड़ी कार्रवाई की जाए। शंकराचार्य ने यह भी कहा कि पुलिस निष्पक्ष जांच कर “दूध का दूध, पानी का पानी” करे।

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