विश्व वानिकी दिवस के अवसर पर 21 मार्च, शनिवार को सामाजिक वानिकी वन प्रभाग सिद्धार्थनगर द्वारा नौगढ़ रेंज स्थित ककरहवा जंगल में नेचर ट्रेल कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन डीएफओ नीला एम के निर्देशन और वन विभाग की एसडीओ वीना तिवारी के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इसका मुख्य उद्देश्य स्कूली बच्चों को प्रकृति से जोड़ना और उन्हें वनों व पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम के तहत राजीव गांधी नेशनल ककरहवा के छात्र-छात्राओं को जंगल के अंदर भ्रमण कराया गया। बच्चे वन मार्गों से होते हुए प्राकृतिक वातावरण के बीच पहुंचे, जहां उन्होंने विभिन्न प्रकार के पेड़-पौधों, हरियाली और जंगल की जैव विविधता को नजदीक से देखा। इस दौरान बच्चों ने प्रकृति के शांत और स्वच्छ वातावरण का अनुभव किया तथा पर्यावरण के महत्व को समझा। क्षेत्रीय वन अधिकारी नौगढ़ राजेश कुमार कुशवाहा ने बच्चों को वनों के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वन केवल पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में ही सहायक नहीं हैं, बल्कि आर्थिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। वनों से प्राप्त होने वाले उत्पाद जैसे लकड़ी, जड़ी-बूटियां और अन्य संसाधन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करते हैं और लोगों को रोजगार उपलब्ध कराते हैं। उन्होंने आगे बताया कि पेड़-पौधे कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित कर वातावरण को शुद्ध बनाते हैं, जिससे प्रदूषण कम होता है और जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। उन्होंने बच्चों को अधिक से अधिक पेड़ लगाने और उनकी सुरक्षा करने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान वन्य जीवों की सुरक्षा, जैव विविधता संरक्षण और मानव-वन्य जीव संघर्ष से बचाव के उपायों पर भी विस्तार से जानकारी दी गई। नेचर ट्रेल के दौरान बच्चों को विभिन्न पेड़-पौधों की पहचान कराई गई और उनकी उपयोगिता के बारे में बताया गया, जिससे उनमें प्रकृति के प्रति जिज्ञासा और लगाव बढ़ा। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने कई सवाल भी पूछे, जिनका वन अधिकारियों ने सरल भाषा में जवाब दिया।

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