मुसाफिरखाना क्षेत्र के भनौली गांव में शिया मुस्लिम समुदाय ने शनिवार को ईद की नमाज़ अदा की। यह नमाज़ ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली ख़ामेनई की शहादत के शोक में सादगी और गमगीन माहौल के बीच पढ़ी गई। अकीदतमंदों ने गांव स्थित जामा मस्जिद इमामबाग में सुबह 9 बजे काली पट्टी बांधकर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। अयातुल्लाह अली ख़ामेनई की शहादत के मद्देनजर, शिया समुदाय ने इस बार ईद को सादगी से मनाने का निर्णय लिया था। इसके तहत, लोगों ने नए कपड़े पहनने से परहेज किया और पारंपरिक उत्सवों से दूरी बनाए रखी। नमाज़ की इमामत पेश इमाम मौलाना गौहर अब्बास ने की। उन्होंने खुतबा भी दिया, जिसमें अयातुल्लाह अली ख़ामेनई के विचारों और संदेशों को साझा किया गया। मौलाना गौहर अब्बास ने अपने संबोधन में अमेरिका और इजराइल की नीतियों का विरोध भी जताया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे। सभी ने देश और दुनिया में अमन-चैन और भाईचारे के लिए विशेष दुआएं मांगीं।

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