यूपी के टॉप मेडिकल संस्थान, SGPGI लखनऊ में वर्क लाइफ बैलेंस सिखाने के लिए शनिवार को IAS ट्रेनर डॉ. विकास दिव्य कीर्ति पहुंचे। उनके स्वागत में SGPGI के सबसे बड़े डिपार्टमेंट यानी एनेस्थीसियोलॉजी ने रेड कारपेट डाल दिया। करीब 1 घंटे 6 मिनट के अपने संबोधन में विकास दिव्यकीर्ति ने न केवल डॉक्टरों को खुद में खास होने का अहसास दिलाया। साथ ही उन्हें वर्क लाइफ बैलेंस के बिगड़ने के फोबिया से मुक्ति दिलाने की कोशिश भी की। उन्होंने डॉक्टरों को नसीहत देते हुए बताया कि किसी मरीज को मौत के दरवाजे से वापस खींचकर लाने का उनका सफल प्रयास ही सबसे बड़ा सैटिस्फेक्शन होगा। इस दौरान उन्होंने दो बार दोहराया कि यदि उन्हें फिर से जीवन जीने और अपना करियर बनाने का मौका मिले तो वो मेडिकल साइंस में अपना भविष्य बनाना चाहेंगे। उन्होंने लखनऊ में 2-3 दिन रुकने के लिए शर्त रखी। कहा- यदि मेरी ये खांसी कोई डॉक्टर ठीक कर दे तो मैं यहां 2-3 दिन और रुक जाऊंगा। ऊपर क्लिक कर देखिए VIDEO…
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