लखनऊ नगर निगम में वित्त वर्ष 2026-27 के मूल बजट को लेकर 22 मार्च को नगर निगम का सदन है। इसके साथ ही मौजूदा वित्त वर्ष का पुनरीक्षित बजट भी अब पास किया जाएगा, जिसकी कार्यकारिणी बैठक नवंबर में ही हो चुकी है,लेकिन अभी तक सदन में यह प्रस्ताव पास नहीं हुआ। जबकि बजट पहले ही खर्च हो चुका है। अब अधिकारी 2 अप्रैल तक चलने वाले लोकसभा सत्र के बीच में त्योहार के चलते तीन दिन के लिए सत्र में मिली छुट्टी के बीच में ही आनन-फानन में मौजूदा वित्त वर्ष के रिव्यू बजट को पास कर नए साल पर रास्ता साफ करने की तैयारी में हैं। रिव्यू बजट में इस साल 55 करोड़ रुपए की बढ़ोत्तरी की गई है। नए वित्त वर्ष में सफाई पर सबसे अधिक जोर नए वित्त वर्ष में 4692.71 करोड़ रुपए से विकास कार्य किए जाने हैं। 487 करोड़ रुपए से सीवर और पानी से जुड़े काम होंगे। 22 फरवरी को बजट की कार्यकारिणी बैठक में नगर निगम और जलकल विभाग की तरफ से कुल 5179.71 करोड़ रुपए का प्रस्तावित बजट पास किया गया है। बजट में सबसे अधिक जोर साफ-सफाई और कूड़ा निस्तारण पर रहा। इसपर कुल 400 करोड़ रुपए खर्च होंगे। जून तक हाउस टैक्स जमा करने पर मिलेगी छूट मेयर सुषमा खर्कवाल ने कहा कि इस बार जनता पर कोई नया टैक्स नहीं लगाया है। नगर निगम की तरफ से इस बार उत्सव वाटिका बनाई जाएगी। श्मशान घाट को सही किया जाएगा। हाउस टैक्स ऑनलाइन जमा करने पर अप्रैल से ही 10 फीसदी की छूट मिलेगी। ऑफलाइन हाउस टैक्स जमा करने पर 8 फीसदी की छूट रहेगी। मई में ऑनलाइन पर 8 फीसदी और ऑफलाइन पर 6 फीसदी और जून के महीने में ऑनलाइन टैक्स जमा करने पर 5 फीसदी और ऑफलाइन टैक्स जमा करने पर 4 फीसदी की छूट रहेगी। 400 करोड़ कूड़ा निस्तारण और साफ सफाई पर खर्च बजट में सबसे अधिक जोर साफ-सफाई और कूड़ा निस्तारण पर है। ताकि शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाया जा सके। इसमें कुल 400 करोड़ रुपए आने वाले एक साल में खर्च होंगे। मेयर की विकास निधि 20 करोड़ और नगर आयुक्त की विकास निधि 10 करोड़ रहेगी। पार्षदों की वार्ड विकास निधि भी नहीं बढ़ेगी। इसके साथ बजट में सड़क निर्माण पर 271 करोड़ रुपए खर्च होंगे। बजट में कल्याण मंडप बनाने, नगर निगम को डिजिटल बनाने सहित मूल भूत सुविधाओं को सुधारने पर जोर है। 5179.71 करोड़ का बजट बजट में 2,278 करोड़ रुपए राजस्व लेखा (रेवेन्यू अकाउंट) है, जो नगर निगम की प्रॉपर्टी टैक्स, लीज रेंट, विभिन्न ठेकों और जुर्माने से होने वाली इनकम है। 981 करोड़ रुपए राजस्व लेखा (कैपिटल अकाउंट) राज्य वित्त आयोग की संस्तुति पर मिलने वाले 16 वें वित्त, अमृत योजना, स्वच्छ भारत मिशन, सीएम ग्रेड योजना सहित अन्य केंद्र सरकार और राज्य सरकार से आने वाले मद शामिल हैं। 34 करोड़ रुपए ठेकेदारों की सिक्योरिटी, कर्मचारी कल्याण कोष, सामूहिक जीवन बीमा सहित अन्य मद से आने वाली मद जिसे उचंत खाता (सस्पेंस अकाउंट) में रखा गया है। इसके साथ ही इस साल का क्लोजिंग बैलेंस 1399 करोड़ रुपए नए फाइनेंशियल ईयर में ओपनिंग बैलेंस के रूप में जुड़ेगा, जिससे साल 2026-27 का कुल बजट 4692.71 करोड़ रुपए प्रस्तावित है। वहीं, जलकल का बजट 487 करोड़ रुपए प्रस्तावित है। हाउस टैक्स की वसूली का लक्ष्य 750 करोड़ रुपए नए वित्त वर्ष में नगर निगम ने हाउस टैक्स की वसूली का लक्ष्य 750 करोड़ रुपए रखा है। हालांकि, टैक्स को बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। सड़क निर्माण से जुड़े प्रस्ताव में 271 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। यह पिछले साल के मूल बजट के बराबर में है। हालांकि, 2025-26 के पुनरीक्षित बजट में इसे 55 करोड़ रुपए बढ़ाकर इसे 326 करोड़ कर दिया गया था, जिसे पुनरीक्षित बजट में बढ़ाया जा सकता है। नगर निगम आवश्यकता के अनुसार इसपर निर्णय लेगा। वहीं, वित्त वर्ष 2025-26 का कुल बजट करीब 47 अरब है।

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