मिर्जापुर में एक मां ने दो बच्चों की गला दबाकर हत्या कर दी, फिर खुद फंदे पर लटक कर जान दे दी। घटना के समय महिला की सास खेत गई थी। लौटी तो घर का दरवाजा अंदर से बंद था। काफी देर तक खटखटाने के बाद भी दरवाजा नहीं खुला, तो उसने पड़ोसी को बुलाया। पड़ोसी ने दरवाजा तोड़ा, अंदर बच्चों का शव बेड पर पड़ा था। जबकि महिला की लाश फंदे पर लटक रही थी। बच्चों के मुंह में कपड़ा ठूंसा हुआ था। ऐसा कहा जा रहा है कि महिला ने पहले बच्चों के मुंह में कपड़ा ठूंसा, फिर गला दबाकर उन्हें मार दिया। सूचना मिलते ही पति मौके पर पहुंचा। पुलिस को मामले की जानकारी दी गई। पुलिस ने तीनों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। घटना शनिवार शाम 7 बजे कछवां के सेमरी गांव की है। अब पढ़िए पूरा मामला… सेमरी गांव के रहने वाले हरिशचंद्र बिन्द (30) बसपा में कार्यकर्ता के रूप में काम करते हैं। हरिशचंद्र की 5 साल पहले संगीता देवी (26) से शादी हुई थी। दोनों के 2 बच्चे शिवांश (4) और शुभंकर (14 महीने) थे। हरिशचंद्र अपनी पत्नी, बच्चों और मां दुईजा बिन्द (55) के साथ गांव में ही रहता है। शनिवार की शाम को करीब 5 बजे हरिशचंद्र के पास किसी का फोन आया। वह घर से निकल गया। इसके थोड़ी ही देर बाद उसकी मां भी खेतों की ओर चली गई। शाम 7 बजे के करीब जब वह खेतों से घर लौटी तो घर के बाहर सन्नाटा था। बच्चों की भी आवाज नहीं रही थी। उन्होंने कमरे का दरवाजा खटखटाया, लेकिन दरवाजा नहीं खुला। काफी देर तक खटखटाने के बाद भी जब दरवाजा नहीं खोला गया तो उन्होंने अपने पड़ोसी और हरिश्चंद्र के दोस्त दिनेश को फोन किया। बच्चे के गले पर उंगलियों के निशान
दिनेश ने बताया कि जब मैं वहां गया तो दरवाजा बंद था। इसके बाद मैंने गांव के दो तीन लोगों को बुलाया और दरवाजे को तोड़ दिया। अंदर का नजारा बहुत ही भयानक था। दोनों बच्चे बेड पर पड़े थे और संगीता बेड के बगल में ही फंदे से लटक रही थी। 14 माह के शुभंकर के गले पर उंगलियों के निशान बने थे। वहीं दोनों बच्चों के मुंह में कपड़ा ठूंसा हुआ था। बच्चों और पत्नी का शव देखकर पति बेहोश हो गया
इसके बाद मैंने तुरंत घटना की सूचना हरिश्चंद्र और पुलिस को दी। हरिश्चंद्र मौके पर पहुंचा और जैसे ही कमरे में घुसा, अंदर का नजारा देखकर वह वहीं पर बेहोश होकर गिर पड़ा। लोगों ने तुरंत उसे पकड़ा और एक साइड में लिटाया। थोड़ी ही देर में पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस ने लोगों से घटना की जानकारी ली और शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। दिनेश ने बताया कि हरिश्चंद्र समाजसेवी भी है। गांव के लोगों का काम करा देता था। हरिश्चंद्र का छोटा भाई भदोही के चेतगंज में रहता है। उसकी पत्नी की कुछ सालों पहले मौत हो चुकी है। इसके बाद से उसके पिता सूर्यबली बिन्द (60) छोटे भाई के साथ ही रहते हैं। एक दिन पहले ही पत्नी बच्चे घर आए थे
हरिशचंद्र ने बताया कि उसकी पत्नी संगीता दो महीने से मायके में रह रही थी। कल, शुक्रवार को ही उसको लेकर यहां आए थे। वो पढ़ी-लिखी थी। उसने बांबे यूनिवर्सिटी से M.Sc और B.ed किया था। वह साड़ी नहीं पहनती थी, सिंदूर भी नहीं लगाती थी, जब उसे कहते तो बोलती थी कि तुम हमें जंजीर में बांध रहे हो। उसके लिए कल सूट भी लेकर आए थे। संगीता दिन-रात आचार्य प्रशांत का वीडियो देखती थी। हम उसको मना भी करते थे, लेकिन मानती नहीं थी। उसको पता नहीं कहां से झाड़-फूंक पर विश्वास हो गया था। हम झाड़-फूंक कराने उसको लेकर आजमगढ़ जाते थे। भगवान हम तो लोगों की भलाई का काम कर रहे थे। हमारे साथ ऐसा क्यों किया। हम तो ईमानदारी और मेहनत का काम करते थे, जिससे हमारे बच्चों और परिवार के साथ कुछ गलत न हो। महिला झाड़-फूंक कराती थी
घटना की जानकारी मिलने पर मिर्जापुर एसएसपी सुमन वर्मा भी घटनास्थल पर पहुंचे। घटना की जानकारी ली और महिला के पति हरिश्चंद्र से भी बातचीत कर जांच का आश्वासन दिया। सीओ सदर अमर बहादुर ने बताया कि सेमरी गांव में एक महिला ने अपने दो बच्चों के साथ जान दे दी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, महिला झाड़फूंक कराती थी। यही सब उसकी आत्महत्या का कारण बना। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। ————————————————– ये खबर भी पढ़ेंः- लव मैरिज के 8 साल बाद पत्नी की हत्या की:गोंडा में 5 साल के बेटे के सामने हथौड़े से मारा, मासूम ने बताई हैवानियत गोंडा में शनिवार सुबह 5 साल के बेटे के सामने पति ने पत्नी की हत्या कर दी। आरोपी ने पहले महिला के सिर पर हथौड़ा मारा। फिर जमीन पर गिरते ही चाकू से उसका गला रेत दिया। हत्या के बाद वो बेटे को ससुराल में छोड़कर फरार हो गया। पढ़ें पूरी खबर…
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