बांदा में आज ईद-उल-फितर की नमाज अदा की गई। बाबूलाल चौराहे स्थित ईदगाह मस्जिद समेत नगर की विभिन्न मस्जिदों में हजारों लोगों ने नमाज में शिरकत की। इस दौरान मुल्क की सलामती, तरक्की और अमन-चैन के लिए दुआएं मांगी गईं। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिसमें ड्रोन से निगरानी भी शामिल थी। रमजान के पवित्र माह में 30 रोजे पूरे होने के बाद ईद-उल-फितर के अवसर पर सुबह से ही लोगों में उत्साह देखा गया। मुस्लिम बहुल इलाकों में बच्चों ने नए कपड़े पहनकर एक-दूसरे से मुलाकात की और बधाई दी। नगर की रब्बानिया मस्जिद, मस्जिद ए रिसालदार, नूरानी मस्जिद, शिया जमा मस्जिद और करबला जैसी मस्जिदों में भारी भीड़ रही। ईदगाह स्थित जामा मस्जिद में सर्वाधिक नमाजी पहुंचे, जहां ईद की नमाज सुबह ठीक 8:30 बजे शुरू हुई। जामा मस्जिद के मुतवल्ली हाजी कम्मू मौलाना ने बताया कि एक माह तक रमजान के रोजे रखने के बाद ईद मनाने का अवसर मिलता है। उन्होंने ईद को आपसी सौहार्द, प्रेम और भाईचारे का पर्व बताया, जिसे पूरी दुनिया में धूमधाम से मनाया जाता है। ईद की नमाज के मौके पर नगर की समस्त मस्जिदों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था के पर्याप्त प्रबंध किए गए थे। जामा मस्जिद में नमाज के दौरान डीएम जे. रीभा, डीआईजी राजेश एस, पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल, सिटी मजिस्ट्रेट संदीप केला, सीओ, एसएचओ, कांस्टेबल और पीएसी बल सहित प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। ईद के अवसर पर दिनभर मुस्लिम भाइयों के यहां लोगों का आना-जाना लगा रहा। इस मौके पर लोगों ने विभिन्न प्रकार के लजीज व्यंजनों का स्वाद लिया। इनमें चाशनी में पागी गई सेवइयां, सूतफेनी, दूध से पकाई गईं मेवा युक्त सेवइयां, दही बड़े, फुलकियां, उबले हुए मसालेदार चने और स्वादिष्ट बिरयानी शामिल थीं। लोगों ने इन व्यंजनों का खूब आनंद लिया।

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