बांदा में नवरात्र के तीसरे दिन मंदिरों में मां चंद्रघंटा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही दुर्गा मंदिरों के बाहर लंबी कतारें देखी गईं। भक्तों ने विधि-विधान से माता की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। घरों में भी भक्तों ने माता की आराधना की। शनिवार को मां चंद्रघंटा के स्वरूप के दर्शन के लिए मंदिरों को भव्य तरीके से सजाया गया था। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां चंद्रघंटा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। भक्तों ने उपवास रखकर और दुर्गा सप्तशती का पाठ करके मां को प्रसन्न किया। शहर के प्राचीन माहेश्वरी देवी दुर्गा मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही, जहां भक्तों को प्रसाद भी वितरित किया गया। इसके अतिरिक्त, धार्मिक स्थलों पर मुंडन और कर्णछेदन जैसे संस्कार कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। दुर्गा मंदिरों में तड़के सुबह चार बजे से ही खासकर महिलाओं की भीड़ दिखाई दी। दूर-दराज के गांवों से कई महिलाएं नंगे पैर मां की चौखट पर अपनी मनोकामनाएं पूरी होने की कामना लेकर पहुंचीं। भक्तों ने घरों और मंदिरों में कन्या भोज भी कराया। महिलाओं ने मंदिरों में मां के भजन-कीर्तन और गीत गाकर आशीर्वाद प्राप्त किया। मां की आरती के बाद भक्तों में प्रसाद वितरण किया गया।

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