श्रावस्ती के नासिरगंज क्षेत्र में शिया समुदाय ने इस साल ईद-उल-फितर सादगी से मनाने का निर्णय लिया है। समुदाय के इमाम मौलाना तुफैल अब्बास ने घोषणा की है कि शिया धर्मगुरु अयातुल्लाह अली खमेनेई के निधन पर शोक व्यक्त किया जा रहा है, जिसके कारण इस बार ईद पर कोई जश्न नहीं मनाया जाएगा। मौलाना तुफैल अब्बास ने बताया कि ईद की नमाज अदा की जाएगी, लेकिन पूरे इलाके में गमगीन माहौल रहेगा। लोग सादगी के साथ इबादत करेंगे। उन्होंने समुदाय से अपील की कि इस अवसर पर अनावश्यक खर्च और उत्सव से बचा जाए तथा दिवंगत धर्मगुरु के लिए दुआएं की जाएं। समाज के सदस्य नाजिम हैदर ने कहा कि रहबर के निधन से दुनिया भर के शिया समुदाय में गहरा दुख है। ऐसे में खुशियां मनाना उचित नहीं समझा गया। वहीं, वकार हैदर ने बताया कि मजलूमों के हमदर्द की मौत पर शोक जताते हुए इस साल ईद सादगी और खामोशी के साथ मनाई जा रही है। इस घोषणा के बाद नासिरगंज क्षेत्र में शोक का माहौल है। समुदाय के सदस्यों ने तय किया है कि ईद की नमाज अदा की जाएगी, लेकिन किसी भी तरह का जश्न या सार्वजनिक आयोजन नहीं होगा। दिन भर दुआओं का सिलसिला जारी रहेगा।

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