प्रतापगढ़ जनपद के ग्राम पंचायत काछा में निलंबित कोटे की दुकान संचालक संतोष कुमार यादव के खिलाफ सरकारी राशन में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और खाद्यान्न घोटाले की पुष्टि के बाद FIR दर्ज की गई। यह कार्रवाई पूर्ति निरीक्षक अमित शुक्ल ने जेठवारा थाने में कराई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि कोटेदार पात्र लाभार्थियों को पूरा खाद्यान्न वितरित नहीं कर रहा था और बड़े पैमाने पर गोलमाल कर रहा था। शिकायत मिलने पर जिला पूर्ति निरीक्षक अनुभव त्रिवेदी ने जांच का आदेश दिया, जिसमें आरोप सही पाए गए। जांच रिपोर्ट में सामने आए गंभीर तथ्य जांच रिपोर्ट के अनुसार, कोटेदार को 85.16 क्विंटल गेहूं और 117.42 क्विंटल चावल वितरित करना था। हालांकि, उसने केवल 40 क्विंटल गेहूं और 70 क्विंटल चावल ही बांटे। शेष राशन का कोई हिसाब नहीं मिला। पूर्ति निरीक्षक ने दुकान का निरीक्षण किया तो पाया कि स्टॉक पूरी तरह से शून्य था। विक्रेता ने खाद्यान्न की अनुपलब्धता के संबंध में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। प्रशासन ने लिया कड़ा निर्णय जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी गई थी, जिसके आधार पर कोटे की दुकान पहले ही निलंबित कर दी गई थी। अब जिलाधिकारी की संस्तुति पर संतोष कुमार यादव के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है। प्रशासन ने कहा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और राशन वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी।

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