भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) टिकैत ने बागपत में वन विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संगठन ने विभाग के अधिकारियों पर किसानों पर झूठे मुकदमे दर्ज करने, कार्यों में लापरवाही बरतने और पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है। भाकियू ने घोषणा की है कि 23 मार्च से वन विभाग के कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। भाकियू के जिला प्रवक्ता हिम्मत सिंह ने बताया कि बागपत में कई हाईवे का निर्माण हुआ है, जिनके आसपास लगे सभी पेड़ों को काट दिया गया है। गाइडलाइन के अनुसार, हटाए गए पेड़ों की जगह नए पेड़ लगाए जाने चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। उनका आरोप है कि इस तरह लाखों पेड़ खत्म किए जा चुके हैं, जिससे पर्यावरण को भारी क्षति हो रही है। हिम्मत सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि वन विभाग के अधिकारी लगातार मनमानी कर रहे हैं। कई बार शिकायतें करने के बावजूद भी इन समस्याओं का समाधान नहीं होता है। उन्होंने कहा कि गलत लोगों पर झूठे मुकदमे दर्ज किए जाते हैं, जबकि असली मुद्दों पर कोई कार्रवाई नहीं होती। भाकियू प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि यह अनिश्चितकालीन धरना तब तक जारी रहेगा जब तक लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होती और उनके कार्यों में सुधार नहीं होता। संगठन का कहना है कि पर्यावरण को लगातार हो रहे नुकसान और विभाग की कार्यप्रणाली में सुधार के लिए यह कदम उठाना आवश्यक हो गया है।

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