जौनपुर में बढ़ती गर्मी और गैस आपूर्ति में कमी के कारण बिजली व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है। पिछले 15 दिनों में बिजली की खपत 250 मेगावाट से बढ़कर 285 मेगावाट हो गई है, जिससे कुल 35 मेगावाट की वृद्धि दर्ज की गई है। इस अचानक उछाल से लोड बढ़ रहा है और ट्रांसफार्मरों के खराब होने का खतरा भी बढ़ गया है। जिले में लगभग सात लाख बिजली उपभोक्ता हैं, जिन्हें 69 विद्युत उपकेंद्रों से बिजली आपूर्ति की जाती है। इसके लिए 62 हजार ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। जैसे-जैसे तापमान बढ़ रहा है, बिजली की मांग में तेजी से वृद्धि हो रही है, क्योंकि लोग अधिकतर बिजली उपकरणों का उपयोग कर रहे हैं। ट्रांसफॉर्मर वर्कशॉप के एसडीओ अमित राय ने बताया कि इस समय प्रतिदिन चार से पांच ट्रांसफॉर्मर जलने के मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि गर्मी में उपभोक्ताओं को परेशानी न हो, इसके लिए स्टोर में 200 ट्रांसफार्मर तैयार रखे गए हैं। बिजनेस प्लान के तहत गर्मी से पहले दो हजार से अधिक ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई गई है। इसके साथ ही, कई विद्युत उपकेंद्रों की क्षमता में भी वृद्धि की गई है। पांच कृषि फीडरों का निर्माण भी कराया जा रहा है। गैस आपूर्ति प्रभावित होने के कारण भी कुछ क्षेत्रों में समस्या आ रही है। अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण खंड द्वितीय अनिल पाठक ने बताया कि वर्तमान में 35 मेगावाट बिजली की खपत बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि दो हजार से अधिक ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि की गई है और जिन ट्रांसफार्मरों में कुछ कमी रह गई है, उसे भी दूर कराया जा रहा है। पाठक ने आश्वस्त किया कि गर्मी में उपभोक्ताओं को समस्या न हो, इसके लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

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