बलिया के सत्र न्यायालय ने दहेज हत्या के गंभीर मामले में पांच अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए 10-10 वर्ष का सश्रम कारावास और 75-75 हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया है। यदि अभियुक्त अर्थदंड का भुगतान नहीं करते हैं, तो उन्हें छह महीने अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अदालत का यह कड़ा फैसला उ.प्र. पुलिस महानिदेशक, लखनऊ द्वारा चलाए जा रहे अभियान “OPERATION CONVICTION” के अंतर्गत मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन विभाग की प्रभावी पैरवी का नतीजा है। थाना नगरा में सोनू पुत्र दशरथ, तेतरा देवी पत्नी दशरथ, दशरथ पुत्र स्व0 बनारसी, प्रियंका पुत्री दशरथ और बन्दना पुत्री दशरथ को धारा 498ए, 304बी, वैकल्पिक 302 भादवि और 4 डी0पी0 एक्ट में दोषी पाया गया। धारा 498ए भादवि: प्रत्येक अभियुक्त को 2 वर्ष कारावास और 50-50 हजार रुपये अर्थदंड, न अदा करने पर 6 महीने अतिरिक्त। धारा 304बी भादवि: प्रत्येक अभियुक्त को 10 वर्ष कारावास। धारा 4 डी0पी एक्ट: प्रत्येक अभियुक्त को 2 वर्ष कारावास और 25-25 हजार रुपये अर्थदंड, न अदा करने पर 6 महीने अतिरिक्त। घटना का विवरण शिकायतकर्ता ने बताया कि उनकी पुत्री की शादी नवम्बर 2023 में सोनू पुत्र दशरथ से हुई थी। विवाह के बाद पति और ससुराल वालों द्वारा लगातार प्रताड़ित और उत्पीड़ित किया गया। शिकायत में यह भी बताया गया कि दामाद का दूसरी महिला के साथ अवैध संबंध था, जिससे विवाद बढ़ता रहा। हत्या की जांच 14 मार्च 2024 को वादिनी को सूचना मिली कि उनकी पुत्री ने फांसी लगाकर संदिग्ध परिस्थितियों में आत्महत्या कर ली। थाना स्थानीय ने प्राप्त तहरीर और पोस्टमार्ट रिपोर्ट के आधार पर सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज किया और साक्ष्य संकलन कर न्यायालय में आरोप पत्र भेजा। अभियोजन अधिकारी थे संजय सिंह।

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