कानपुर में सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट को लेकर शिकायत की गई। भाजपा नेता रवि सतीजा और अधिवक्ता मनोज सिंह पुलिस कमिश्नर से मिले। उन्होंने बताया कि फेसबुक के ‘कानपुर वाले’ पेज पर गलत पोस्ट डाली गई। पोस्ट में लिखा गया कि जेल में बंद अधिवक्ता अखिलेश दुबे की जमानत रोकने की साजिश हो रही है। दोनों ने इस खबर को तथ्यहीन और भ्रामक बताया। उन्होंने पेज चलाने वाले के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पेज पर यह पोस्ट किया गया भाजपा नेता रवि सतीजा ने बताया- मैंने अखिलेश दुबे के खिलाफ बर्रा थाने में रंगदारी का मुकदमा दर्ज कराया था। फेसबुक पर ‘कानपुर वाले’ पेज पर भ्रामक पोस्ट की जा रही थी। जिसमें उनकी और उनके सहयोगी अधिवक्ता मनोज सिंह की फोटो पोस्ट की गई है। पोस्ट पर लिखा है– सूत्रों के अनुसार, अखिलेश दुबे के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने वाले रवि सतीजा और तहरीर देने वाले मनोज सिंह पर गंभीर आरोप लगे हैं। बताया जा रहा है कि ये दोनों खुद पर बर्रा स्थित जैना पैलेस के पास हमला करवा कर न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने और अखिलेश दुबे की जमानत में बाधा डालने की साजिश रच रहे है। साजिश के जरिए न्याय को मोड़ने की कोशिश की जा रही यदि यह सच है, तो यह न केवल न्याय व्यवस्था के साथ खिलवाड़ है, बल्कि एक खतरनाक उदाहरण भी है कि किस तरह साजिश के जरिए न्याय को मोड़ने की कोशिश की जा रही है। न्याय और सत्य की रक्षा के लिए इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई अत्यंत आवश्यक है। पोस्ट वायरल होने के बाद रवि सतीजा और मनोज सिंह ने पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल को तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है।

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