गांधीनगर स्थित नेशनल फॉरेंसिक साइंसेज़ यूनिवर्सिटी (NFSU) की टीम ने लुधियाना में आयोजित 6वीं नेशनल मूट कोर्ट प्रतियोगिता में विजेता बनकर इतिहास रचा। यह प्रतियोगिता यूनिवर्सिटी इंस्टिट्यूट ऑफ लॉज़, पंजाब यूनिवर्सिटी रीजनल सेंटर (UIL, PURC) द्वारा 16 से 18 मार्च तक आयोजित की गई थी। इस प्रतियोगिता में देशभर से कुल 28 टीमों ने भाग लिया। दो प्रारंभिक राउंड के बाद 20 टीमों को बाहर कर दिया गया, जिसके बाद केवल 8 टीमें क्वार्टर फाइनल में पहुंचीं। NFSU की टीम (TC601) के वक्ता नकुल देव सिंह राठौड़ (द्वितीय सेमेस्टर, बी.एससी. एलएल.बी.) और अनघा टी.के. (षष्ठ सेमेस्टर, बी.एससी. एलएल.बी.) ने अभियोजन पक्ष का प्रतिनिधित्व किया। उज्ज्वल (द्वितीय सेमेस्टर, बी.एससी. एलएल.बी.) ने शोधकर्ता की भूमिका निभाई। सेमीफाइनल में टीम का मुकाबला आर्मी इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ (टीम कोड 608) से हुआ। प्रभावशाली जीत के बाद टीम फाइनल में पहुंची और DSNLU, विशाखापट्टनम (टीम कोड 610) को हराकर प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया। टीम की मेहनत और रणनीति का परिणाम टीम ने अपनी सफलता का श्रेय निरंतर टीमवर्क, अनुकूलन क्षमता और प्रतियोगिता के दौरान सीखने की प्रवृत्ति को दिया। प्रत्येक राउंड के बाद जजों से मिले फीडबैक को ध्यानपूर्वक शामिल करते हुए टीम ने अपने तर्कों और मौखिक प्रस्तुतियों में सुधार किया। पहली नेशनल मूट कोर्ट जीत NFSU के लिए ऐतिहासिक यह जीत NFSU के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है, क्योंकि यह पहली बार है जब संस्थान की किसी टीम ने किसी नेशनल मूट कोर्ट प्रतियोगिता में विजय प्राप्त की है। टीम के सदस्य नकुल देव सिंह राठौड़ (बाड़मेर, राजस्थान), अनघा टी.के. (कालीकट, केरल) और उज्ज्वल (कादीपुर, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश) ने संस्थान का नाम देशभर में रोशन किया।

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