राष्ट्रपति द्रोपती मुर्मू मथुरा दौरे के दूसरे दिन वात्सल्य के आंगन में पहुंचीं। वात्सल्य ग्राम पहुंचने पर राष्ट्रपति द्रोपती मुर्मू और राज्यपाल आनंदी बेन पटेल का पद्मश्री साध्वी ऋतम्भरा ने फूलों का गुलदस्ता भेंट कर स्वागत किया। परमशक्ति पीठ के राष्ट्रीय सचिव संजय गुप्ता और शिक्षा निदेशक सुमन लता ने उनको स्मृति चिन्ह दिया। वात्सल्य ग्राम पहुंचीं राष्ट्रपति अलग ही अंदाज में नजर आईं। सैनिक स्कूल की छात्राओं से की मुलाकात वात्सल्य ग्राम पहुंचीं राष्ट्रपति को संविद सैनिक बालिका स्कूल की छात्राएं मार्च पास्ट करते हुए वात्सल्य ग्राम परिसर में लेकर गईं। इसके बाद उन्होंने सैनिक स्कूल में पढ़ने वाली छात्राओं से मुलाकात की। राष्ट्रपति ने बालिकाओं को पढ़ लिखकर देश सेवा के लिए सैन्य क्षेत्र में कदम बढ़ाये जाने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान राष्ट्रपति ने कृष्णा ब्रह्म रत्न विद्या मंदिर के सामने से गुजरते समय अपने काफिले को रुकवाया और वहां खड़े बच्चों से मुलाकात कर उनके साथ फोटो खिंचवाई। गौ पूजन कर की गौ सेवा राष्ट्रपति जब वात्सल्य ग्राम में स्थित आवासीय इकाई गोकुलम की तरफ जा रही थीं उसी दौरान उनकी नजर विश्व की सबसे छोटी गाय पुंगनूर पर पड़ी। इसके बाद उन्होंने काफिला रुकवाया और गौ पूजन कर गौ सेवा की। इस दौरान वह पुंगनूर गाय को अपनी गोद में लेने से खुद को नहीं रोक पाईं। यहां कुछ देर रुकने के बाद वह गोकुलम के लिए रवाना हो गईं। मां सर्वमंगला का किया पूजन राष्ट्रपति ने सैन्य छात्राओं से मिलने बाद गोकुलम प्रस्थान किया। गोकुलम में यशोदा माताएँ और बच्चों से मिलकर उनके बारे जाना। गोकुलम के बेटी-दामादों एवं यशोदा माताओं, बच्चों से मिलकर हर्ष व्यक्त करते हुए साध्वी ऋतंभरा के कार्य की सराहना की। इस दौरान उनका साधक परमानन्द ने वेद मन्त्रों से स्वागत किया। इसके पश्चात गुफा में विराजित सिंदूर से बने माँ सर्वमंगला के विग्रह के दर्शन कर पूजन अर्चन किया और यात्रा पूरी की। गोल्फ कार्ट से किया भ्रमण इससे पहले सैन्य छात्राओं के साथ फोटो खिंचवाने के बाद राष्ट्रपति एवं राज्यपाल ने गोल्फ कार्ट के माध्यम से गोकुलम हेतु प्रस्थान किया। उन्होंने गोल्फ कार्ट के माध्यम से सम्पूर्ण परिसर का भ्रमण किया तथा भ्रमण के दौरान विभिन्न स्थानों पर बच्चों द्वारा प्रदर्शित की जा रही प्रतिभाओं का अवलोकन किया। जिसमें जूडो कराटे, बैडमिंटन, घुड़सवारी, मार्च पास्ट, बैंड टोली आदि सम्मलित थी। गोकुलम आगमन पर बच्चों द्वारा राष्ट्रपति का तख्ती पर लिखे विभिन्न संदेशों के माध्यम से स्वागत किया गया। राष्ट्रपति ने बच्चों द्वारा किए जा रहे सांस्कृतिक कार्यक्रमों का अवलोकन किया तथा उनके साथ फोटो खिंचवाया। राष्ट्रपति ने भगवान शिव जी पर कलश के माध्यम से जल चढ़ाया।

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