पॉक्सो केस में गवाही के लिए पेश नहीं होने पर अदालत ने दरोगा की लापरवाही को गंभीर मानते हुए सख्ती दिखाई है। कोर्ट ने पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिए हैं कि विवेचक को तय तारीख पर हर हाल में पेश कराया जाए, साथ ही उसका वेतन भी रोक दिया गया है।
विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट सोनिका चौधरी की अदालत में लंबित राज्य बनाम हर्ष शर्मा केस में विवेचक उपनिरीक्षक राजीव कुमार की लगातार गैरहाजिरी पर कड़ा रुख अपनाया गया।
कोर्ट ने कहा कि गवाही के लिए बार-बार बुलाने के बावजूद विवेचक का उपस्थित न होना न्याय प्रक्रिया में बाधा है और इससे पीड़िता को न्याय मिलने में देरी हो रही है। मामले में अन्य सभी गवाहों की गवाही पूरी हो चुकी है, केवल विवेचक का बयान शेष है।
अदालत ने पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिए हैं कि 7 अप्रैल को विवेचक की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित कराई जाए। इसके साथ ही उपनिरीक्षक का वेतन अग्रिम आदेश तक रोकने के आदेश भी जारी किए गए हैं।
कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि संबंधित थाना अदालत से मात्र 5 किलोमीटर की दूरी पर है, इसके बावजूद विवेचक का पेश न होना गंभीर लापरवाही दर्शाता है।

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