लखनऊ में एक ही परिवार के तीन लोगों ने जहर खा लिया। मां और बेटे की मौत हो गई। पिता की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस को बेटे की जेब से एक सुसाइड नोट मिला है। इसमें लिखा है- ‘ हम लोग आत्महत्या कर रहे हैं। इससे परिवार से कोई मतलब नहीं है। हम अपने आप तीन लोग आत्महत्या कर रहे हैं।’ मृतकों की पहचान तारावती (52) और संदीप (30) के रूप में हुई है। रूपनारायण (55) अस्पताल में भर्ती हैं। परिवार चाय-समोसा की दुकान और पान की गुमटी चलाकर अपना गुजारा करता था। घटना के वक्त छोटा बेटा कुलदीप भी घर में ही था। घटना बंथरा क्षेत्र के नींवा गांव की है। कुलदीप ने बताया- घर में हम चार लोग रहते थे। बहनों रूचि और ज्योति की शादी हो चुकी है। मैंने गुरुवार रात खाने में तहरी बनाई थी। दुकान बढ़ाकर जब मम्मी-पापा और भाई घर आए, तो खाने के लिए पूछा। लेकिन, तीनों ने कहा कि वे बाहर से खाकर आए हैं। फिर तीनों कमरे में सोने चले गए। मैं बरामदे में ही सो गया। उसने आगे बताया कि शुक्रवार तड़के कुछ आवाज सुनकर नींद खुल गई। उठा तो पिता को उल्टियां करते देखा। अंदर गया तो मां और भाई बेसुध पड़े थे। मुंह से झाग निकल रहा था। चिल्लाकर चाचा को बुलाया। सभी को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टर्स मां और भाई को मृत घोषित कर दिया। तीनों ने यह कदम क्यों उठाया, इसकी वजह अभी पता नहीं चल सकी है। पुलिस जांच में घर के बाहर पांच पेज का नोटिस चिपका मिला है, लेकिन फट जाने के कारण इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आ सकी है। एक पेज पर सिक्योरिटी ऑफिसर, मुंबई लिखा समझ में आ रहा है। हालांकि, कुलदीप ने किसी भी तरह की नोटिस या कर्ज की जानकारी होने से इनकार किया है। तस्वीरें देखिए- चाचा ने प्रधान के जरिए से पुलिस को सूचना दी रूपनारायण के छोटे भाई जगत चौरसिया ने बताया- हम भाइयों के घर अगल-बगल ही हैं। कुलदीप ने मुझे बुलाया। मैं पहुंचा तो भाई रूपनारायण उल्टियां कर रहे थे। प्रधान को फोन किया। पुलिस को उनके माध्यम से जानकारी दी। उन्होंने घर के बाहर चिपके नोटिस के बारे में पूछे जाने पर बताया- भैया-भाभी के किसी भी तरह के लोन की जानकारी नहीं है। इस बारे में कभी बात नहीं हुई। दो लोग हमेशा इनके घर आते थे, यह बात पता है। पड़ोसी बोले- बेटे के एक्सिडेंट के वक्त कर्ज लिया होगा
पड़ोसियों के मुताबिक, 5 साल पहले बड़े बेटे संदीप का एक्सीडेंट हुआ था। उसमें 3 लाख रुपए से ज्यादा खर्च हुआ था। गांववालों के अनुसार, परिवार पर कुछ कर्ज था। 10-12 दिन पहले लोन रिकवरी के लिए कुछ लोग परिवार से मिलने आए थे। एक पड़ोसी ने बताया कि रिकवरी वाले का फोन नहीं उठाने पर वे पहुंचे थे। हालांकि, अधिकारिक रूप से अभी लोन की बात स्पष्ट नहीं है। छोटे पर शक कर रहे हैं ग्रामीण स्थानीय लोगों ने बताया कि तारावती करीब 2 साल पहले चबूतरे से गिर गई थीं। उनकी रीढ़ की हड्डी टूट गई थी। उनका इलाज चल रहा था। वह इस समय घर पर ही बेड रेस्ट पर थीं। संदीप करीब 5 साल पहले एक्सीडेंट में घायल हुआ था। तब उसकी इलाज में काफी खर्चा आया था। दोनों के इलाज में हुए खर्च को लेकर भी सभी परेशान रहते थे। ग्रामीणों में चर्चा है कि छोटा बेटा कुलदीप शराबी प्रवृत्ति का है। ग्रामीण उस पर भी संदेह जता रहे हैं। सांसद बोले- दोषियों को सजा दिलाएंगे पोस्टमार्टम के बाद मृतकों का अंतिम संस्कार शाम 7:00 बजे असोहा रोड उन्नाव स्थित सई नदी के देवरा घाट पर कर दिया गया। मोहनलालगंज सांसद आरके चौधरी ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। मृतकों के अंतिम संस्कार में भी शामिल हुए। सांसद ने कहा- दुखद घटना में हर कदम परिवार के साथ हैं। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया। एसीपी बोले- जहर क्यों खाया…पुलिस जांच कर रही एसीपी कृष्णा नगर रजनीश वर्मा ने कहा- दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। एक व्यक्ति का अस्पताल में इलाज चल रहा। शुरुआती जांच में जहर खाकर आत्महत्या का मामला लग रहा है, लेकिन उन्होंने जहर क्यों खाया, इसको लेकर पुलिस जांच पड़ताल कर रही है। ———————– ये खबर भी पढ़िए- सैफई मेडिकल कॉलेज में महिला मरीज से रेप, गर्भवती हुई : पीड़ित मानसिक बीमार, आरोपी कर्मचारी गिरफ्तार; विभाग प्रमुख हटाए गए इटावा में सैफई मेडिकल कॉलेज में 40 साल की महिला मरीज के साथ रेप हुआ है। वह मानसिक बीमार है। 9 महीने से भर्ती थी। इसका खुलासा महिला की रूटीन मेडिकल जांच में हुआ। वह 5 महीने की गर्भवती मिली। घटना के बाद मेडिकल कॉलेज में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में मानसिक रोग विभाग के प्रमुख प्रो. एके मिश्रा ने 18 मार्च को सैफई थाने में एफआईआर कराई। पुलिस ने शुरुआती जांच के आधार पर 19 मार्च को सफाईकर्मी रविंद्र कुमार को गिरफ्तार कर लिया। (पूरी खबर पढ़िए)

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