इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने नगर निगम, लखनऊ को आदेश दिया है कि वह अपनी विधिक जिम्मेदारी निभाते हुए शहर की वृंदावन कॉलोनी में मूलभूत सुविधाओं के लिए बजट का इंतजाम करे। यह आदेश न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की खंडपीठ ने वृंदावन जनकल्याण समिति की ओर से वर्ष 2019 में दाखिल जनहित याचिका पर पारित किया है। न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 20 अप्रैल की तिथि तय की है। न्यायालय ने नगर आयुक्त को व्यक्तिगत शपथ पत्र दाखिल कर यह भी बताने को कहा है कि जब वर्ष 2018 में ही उक्त कॉलोनी उसे सौंप दी गई थी, तो अब तक कॉलोनी निवासियों को मूलभूत सुविधाएं क्यों नहीं मुहैया कराई गईं। म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन एक्ट के तहत मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना नगर निगम का दायित्व है। कोर्ट ने यह भी पूछा है कि जब 16 करोड़ रुपये के बजट की मंजूरी उक्त कॉलोनी के लिए आठ वर्ष पूर्व ही हो चुकी थी, तब भी आज तक उसे उपलब्ध क्यों नहीं कराया गया।

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