डंपरों से बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए कमिश्नर अनिल ढींगरा ने सख्त रुख अख्तियार किया है। विकास भवन में अधिकारियों, कार्यदायी संस्थाओं और ठेकेदारों के साथ बैठक में उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में किसी डंपर से दुर्घटना में किसी व्यक्ति की मौत होती है तो इस मामले में एफआईआर दर्ज की जाएगी। साथ ही कड़ी कार्रवाई भी होगी। उन्होंने कहा कि जिस कार्यदायी संस्था के काम में उक्त डंपर का संचालन मिलेगा, उसपर भी कार्रवाई की जाएगी। कमिश्नर ने कहा कि डंपरों की नियमित रूप से जांच कराई जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि वाहन तकनीकी रूप से फिट जरूर हों। उन्होंने कहा कि ओवरस्पीडिंग, नाबालिक चालक को पाया गया तो केस दर्ज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी डंपरों का रूट चार्ट जरूर बनाएं। यह भी तय हो कि कौन सा डंपर कहां से कहां तक संचालित होगा। इस संबंध में अनुमति को गाड़ी के विंड स्क्रीन पर चस्पा करना होगा। किसी भी दशा में निर्धारित मार्ग से इतर कोई डंपर संचालित नहीं होगा। बैठक में उपस्थित डीआईजी एस. चनप्पा ने कहा कि यातायात नियमों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि डंपरों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर ओवरस्पीडिंग, गलत रूट पर संचालन और नियमों की अनदेखी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
जिलाधिकारी दीपक मीणा कहा कि सभी डंपर निर्धारित रूट पर ही संचालित होंगे। यदि कोई वाहन निर्धारित मार्ग से हटकर अन्य रास्तों पर चलता पाया जाता है तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी। जिसमें ब्लैकलिस्टिंग तक शामिल हो सकती है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डा कौस्तुभ ने कहा कि जनपद भर में विशेष चेकिंग अभियान चलाया जाएगा, जिसमें डंपरों की गति, चालक की योग्यता, वाहन की फिटनेस और रूट परमिट की गहन जांच की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने कहा कि यह भी चेक करें कि मोबाइल पर बात करते हुए कोई वाहन न चलाए।
बैठक में एडीएम (वित्त) विनीत कुमार सिंह, पीडब्ल्यूडी के नोडल अधिकारी ए.के. सिंह, जिला खनन अधिकारी सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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