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राजभर बोले- अखिलेश को विरासत में मिली सीएम की कुर्सी:सिद्धार्थनगर में कहा- अब CM बनने का सपना न देखें, वह केबल बयानबाजी तक सीमित

सिद्धार्थनगर में शुक्रवार, 20 मार्च को वीरांगना अवंती बाई लोधी के बलिदान दिवस पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। बीएसए ग्राउंड में जनता दल यूनाइटेड के बैनर तले हुए इस आयोजन में उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओमप्रकाश राजभर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रमोद लोधी, पार्टी पदाधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता व समाज के लोग उपस्थित रहे। मंत्री ओमप्रकाश राजभर के कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने पर कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्हें फूल-मालाएं पहनाई गईं और नारेबाजी के साथ मंच तक ले जाया गया। इस दौरान लोधी समाज की एकजुटता और उत्साह स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। मंच से वक्ताओं ने 1857 की क्रांति में अंग्रेजों के विरुद्ध लड़ते हुए अपने प्राणों का बलिदान देने वाली वीरांगना अवंती बाई लोधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके बलिदान को देश और समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया गया। कहा- अखिलेश विरासत में सीएम की कुर्सी मिली
अपने संबोधन और मीडिया से बातचीत के दौरान मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने प्रदेश की राजनीति पर अपनी राय रखी और विभिन्न मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर सीधा हमला करते हुए कहा कि उनके पास अब सरकार की आलोचना करने के अलावा कोई ठोस मुद्दा नहीं है। राजभर ने कहा- अखिलेश यादव को पिता की विरासत में मुख्यमंत्री की कुर्सी मिली थी। अब उन्हें दोबारा मुख्यमंत्री बनने का सपना नहीं देखना चाहिए। राजभर ने आगे कहा कि अखिलेश यादव अब केवल विरासत की राजनीति करते हुए बयानबाजी तक सीमित रह गए हैं। मंत्री राजभर ने यह भी कहा कि जनता अब विकास और काम की राजनीति को समझ चुकी है। केवल आरोप-प्रत्यारोप से राजनीति नहीं चलेगी। उन्होंने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं और कार्यों का जवाब मुद्दों के आधार पर दिया जाना चाहिए, न कि केवल बयानबाजी से। ग्राम पंचायत चुनाव को लेकर मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि यह मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है। किसी व्यक्ति द्वारा हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है, ऐसे में जब तक न्यायालय का निर्णय नहीं आ जाता, तब तक इस विषय पर कोई भी टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार न्यायालय के आदेश का पूरी तरह पालन करेगी।

इसके अलावा यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा में ‘पंडित’ शब्द को लेकर उठे विवाद पर भी मंत्री ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ‘पंडित’ शब्द का वास्तविक अर्थ ‘विद्वान’ होता है, लेकिन प्रश्न पत्र तैयार करने वालों को इस तरह के संवेदनशील विषयों पर गंभीरता और सावधानी के साथ काम करना चाहिए, ताकि अनावश्यक विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो।

कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने समाज की एकजुटता, शिक्षा और विकास पर विशेष जोर दिया। वक्ताओं ने कहा कि वीरांगना अवंती बाई लोधी का जीवन त्याग, साहस और देशभक्ति का प्रतीक है, जिससे नई पीढ़ी को प्रेरणा लेनी चाहिए। बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने उनके बलिदान को नमन करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

Source: Dainik Bhaskar via DNI News (Prayagraj)

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