बांदा में एक नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में न्यायालय ने तीन दोषियों को 20-20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। यह सजा पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के निर्देश पर चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ और ‘मिशन शक्ति’ अभियान के तहत दी गई। पुलिस अधीक्षक बांदा पलाश बंसल के कुशल निर्देशन में यह कार्रवाई सुनिश्चित हुई। यह घटना वर्ष 2017 की है। 16 मई 2017 को कालिंजर थाना क्षेत्र में एक नाबालिग को बहला-फुसलाकर भगा ले जाया गया था और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। इस संबंध में कालिंजर थाने में तत्काल मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की विवेचना सियाराम अहिरवार ने की थी, जिन्होंने प्रभावी जांच करते हुए आरोप पत्र माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया। लोक अभियोजक कमल सिंह गौतम ने न्यायालय में सशक्त पैरवी की। कोर्ट मोहर्रिर आरक्षी जितेंद्र कुमार, आरक्षी मानवेन्द्र और पैरोकार आरक्षी चंदन सिंह के अथक प्रयासों से तीनों अभियुक्तों को दोषी ठहराया गया। बांदा के विशेष पॉक्सो एक्ट न्यायालय ने उन्हें 20-20 वर्ष के कठोर कारावास के साथ कुल 60 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।

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