देवरिया की रामपुर कारखाना विधानसभा से भाजपा विधायक सुरेंद्र चौरसिया ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं के दम पर दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बनी है और आम कार्यकर्ता भी विधायक बन सकता है। मुझे भरोसा है कि जनता फिर से अपने “बेटे” पर विश्वास करेगी। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य क्षेत्र को मॉडल विधानसभा बनाना है और इसी दिशा में सड़क, बिजली और बुनियादी ढांचे पर तेजी से काम कराया गया है। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में उन्होंने बेबाकी से सवालों के जवाब दिए। पढ़िए पूरा इंटरव्यू… सवाल: सबसे बड़ा काम आपने कौन सा कराया है?
जवाब: मैंने रामपुर कारखाना को मॉडल विधानसभा बनाने की दिशा में काम किया है। चार वर्षों में दो दर्जन से अधिक बड़ी सड़कों और सैकड़ों सिंगल कनेक्टिविटी सड़कों का निर्माण कराया गया। भरहे चौरा और महुआपाटन में पुल बनवाए गए, एक दर्जन से अधिक लघु सेतु बने और करीब 300 ट्रांसफॉर्मर लगवाए गए। उन्होंने कहा कि सड़क, बिजली और शिक्षा के क्षेत्र में जो काम हुए हैं, वे आने वाले समय में विकास की नींव बनेंगे। सवाल: कौन सा ऐसा काम है जो आप चाहते थे, लेकिन अभी तक नहीं करा सके?
जवाब: क्षेत्र के युवाओं को स्किल डेवलपमेंट के जरिए रोजगार से जोड़ने का काम शुरू किया गया है और इसके लिए कैंप भी लगाए गए। आगे भी ऐसे आयोजन लगातार करने की योजना है। उनका विजन रामपुर कारखाना का समग्र विकास करना है। सवाल: क्या इस बार भी आप टिकट के दावेदार हैं?
जवाब: पार्टी के एक साधारण कार्यकर्ता हूं। 2022 में पार्टी ने मुझे टिकट दिया था और मैं चौरसिया समाज से इकलौता उम्मीदवार था। भाजपा कार्यकर्ताओं के दम पर दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बनी है और आम कार्यकर्ता भी विधायक बन सकता है। मुझे भरोसा है कि जनता फिर से अपने “बेटे” पर विश्वास करेगी। सवाल: क्या आपको इस बार टिकट मिलेगा?
जवाब: भाजपा एक लोकतांत्रिक पार्टी है, जहां कार्यकर्ता को अवसर मिलता है। उन्हें उम्मीद है कि पार्टी उनके काम और विजन को देखते हुए उन्हें दोबारा मौका देगी। सवाल: अपने चार साल के कार्यकाल को कितने नंबर देंगे?
जवाब: पूरे नंबर पाने के लिए काम किया है और वे खुद को 10 में 10 नंबर देते हैं, हालांकि असली मूल्यांकन जनता ही करती है। सवाल: रामपुर कारखाना में उद्योग नहीं हैं, इस पर क्या कहेंगे?
जवाब: यह विधानसभा भौगोलिक रूप से अलग-अलग क्षेत्रों को जोड़कर बनी है, जहां पहले बुनियादी ढांचा भी नहीं था। पिछले चार वर्षों में सड़क और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं पर काम किया गया है। उनका मानना है कि आधारभूत ढांचा मजबूत होने के बाद ही उद्योग स्थापित होंगे। साथ ही युवाओं के स्किल डेवलपमेंट पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि रोजगार के अवसर बढ़ाए जा सकें।

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