जिलाधिकारी सत्य प्रकाश ने शुक्रवार शाम को कलेक्ट्रेट सभागार में एक बैठक की। इस बैठक में जिले के अस्थायी और स्थायी गौवंश आश्रय स्थलों में संरक्षित गौवंशों के भरण-पोषण की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। सभी नोडल अधिकारी इसमें उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने गौशालाओं में गौवंश संरक्षण, भूसा, साईलेज, चूनी, ताजा पानी और हरे चारे की उपलब्धता का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आने वाली गर्मी में गौवंशों को छायादार स्थान मिले और उन्हें दिन में कम से कम तीन बार पानी, संतुलित आहार तथा हरा चारा दिया जाए, ताकि उनका स्वास्थ्य बेहतर रहे। उन्होंने सभी नोडल अधिकारियों को समय-समय पर गौशालाओं का निरीक्षण करने को कहा। इसके अतिरिक्त, समस्त खंड विकास अधिकारियों और नगर पालिका व नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे स्वयं गौशालाओं का निरीक्षण करें और सुनिश्चित करें कि भूसे व हरे चारे की कोई कमी न हो। बैठक के अंत में, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने सभी अधिकारियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी शेषनाथ चौहान, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. भगवान सिंह, डीसी मनरेगा रमेश कुमार यादव सहित सभी उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी, नोडल अधिकारी, बीडीओ, ईओ और अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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