आगामी 22 मार्च को भगतसिंह बलिदान दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित होने वाले पारंपरिक कवि सम्मेलन “काव्य संध्या…यही बाकी निशां होगा” की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। इस बार आयोजन को खास तौर पर युवाओं से जोड़ने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का सहारा लिया जा रहा है। कार्यक्रम के संयोजक क्रांति कवि सौरभ जैन सुमन ने बताया कि इस बार कवि सम्मेलन में युवाओं की पसंद के कवियों को आमंत्रित किया गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रचार-प्रसार भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से किया जा रहा है, ताकि ज्यादा से ज्यादा युवा इस आयोजन से जुड़ सकें। इसी क्रम में मेरठ के इंफ्लूएंसर्स के साथ एक विशेष मीट का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय और लोकप्रिय इंफ्लूएंसर्स शामिल हुए। इस अवसर पर अंशी अग्रवाल, घनाक्षरी गुर्जर, तनीषा चौहान, शशांक गुर्जर, कशिश, सुरभि गल्थलिया और नम्रता चावला सहित कई इंफ्लूएंसर्स मौजूद रहे। अमेरिकन किड्स साकेत की कोऑर्डिनेटर प्रिया सैनी ने सभी प्रतिभागियों को गिफ्ट हैम्पर देकर सम्मानित किया। भवी जैन ने बताया कि आज के समय में इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म्स पर हर आयु वर्ग के लोग सक्रिय हैं। ऐसे में इस तरह के साहित्यिक आयोजन की पहुंच अब सीधे आमजन तक बनाई जा सकती है। वहीं, हिंदी साहित्य अकादमी के राष्ट्रीय महामंत्री उमंग गोयल ने कहा कि हिंदी कविता को लंबे समय से एक सीमित वर्ग तक ही देखा जाता रहा है, लेकिन अब इसे युवाओं तक ले जाना जरूरी है। इसी उद्देश्य से इस वर्ष सोशल मीडिया पर लोकप्रिय कवियों को मंच दिया जा रहा है। सौरभ जैन सुमन ने कहा कि आज महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के वार्षिकोत्सव में कवि सम्मेलन एक अहम हिस्सा बन चुका है। यदि इसकी जानकारी युवाओं तक सोशल मीडिया के माध्यम से पहुंचेगी, तो वे निश्चित रूप से इसमें भागीदारी करेंगे।

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