प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जगद्गुरु कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम् से शुक्रवार को फोन पर बात कर उनका हालचाल जाना। आचार्य कृष्णम् बुधवार को गाजियाबाद स्थित अपने आवास पर पैर फिसलने से घायल हो गए थे। इस बातचीत के बाद आचार्य ने सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “मोदी की आलोचना करना बड़ा आसान है, लेकिन ‘मोदी’ बनना बड़ा ‘मुश्किल’ है।” यह घटना बुधवार दोपहर करीब 12 बजे हुई। आचार्य प्रमोद कृष्णम् उत्तर प्रदेश सरकार के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के साथ एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए अपने आवास से बाहर निकल रहे थे। इसी दौरान उनका पैर फिसल गया और वे जमीन पर गिर पड़े। गिरने से उनके सिर में गंभीर चोट आई, जिसमें लगभग ढाई इंच गहरा घाव हो गया। चिकित्सकों ने घाव का उपचार करते हुए करीब 25 टांके लगाए और प्लास्टिक सर्जरी भी की। डॉक्टरों द्वारा किए गए सीटी स्कैन की रिपोर्ट सामान्य आई है, जिससे किसी अंदरूनी गंभीर चोट की आशंका नहीं है। अस्पताल से उसी रात 8 बजे छुट्टी मिलने के बाद आचार्य प्रमोद कृष्णम् का कुशलक्षेम जानने के लिए उनके गाजियाबाद स्थित आवास पर संतों का आना लगातार जारी रहा। श्रीमद् जगद्गुरु स्वामी चक्रपाणि महाराज, अखाड़ा परिषद के अंतर्राष्ट्रीय महासचिव नारायण गिरी और महामंडलेश्वर कंचन गिरी महाराज सहित कई अन्य संत और अनुयायी उनसे मिलने पहुंचे। इस हादसे के बाद उनके अनुयायियों और श्रद्धालुओं में चिंता का माहौल बन गया था। तमाम श्रद्धालु फोन और अन्य माध्यमों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी लेने में जुटे रहे और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

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