चैत्र नवरात्र के दौरान जनपद में मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने सघन अभियान चलाया है। इस अभियान के तहत विभिन्न प्रतिष्ठानों से साबूदाना, चना, काजू, घी और केला सहित कई खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, लखनऊ और जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। सहायक आयुक्त (खाद्य) डॉ. जतिन कुमार सिंह के नेतृत्व में एक टीम ने उरई और आसपास के क्षेत्रों में छापेमारी की। टीम ने उरई इंडस्ट्रियल एरिया स्थित इंडियन एंटरप्राइजेज से केले का नमूना लिया। कोटरा रोड पर रवींद्र कुमार के प्रतिष्ठान से साबूदाना का नमूना संग्रहित किया गया। इसके अतिरिक्त, सूबेदार और सुरेश कुमार के प्रतिष्ठानों से घी के नमूने लिए गए। रामपुरा तहसील (माधौगढ़) क्षेत्र में सुदीप यादव के प्रतिष्ठान से साबूदाना का नमूना लिया गया। जालौन के ज्वालागंज स्थित हर्ष किराना स्टोर से काजू का नमूना भी जांच के लिए भेजा गया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, सभी नमूनों को परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी नमूने में मिलावट या मानकों की अनदेखी पाई जाती है, तो संबंधित प्रतिष्ठान संचालकों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सहायक आयुक्त डॉ. जतिन कुमार सिंह ने बताया कि त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने से मिलावट की आशंका भी बढ़ जाती है, जिसे देखते हुए विभाग पूरी तरह सतर्क है। आमजन को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी बताया कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा और नवरात्र के दौरान जिले के विभिन्न बाजारों में निरीक्षण और सैंपलिंग की कार्रवाई की जाएगी। इस अभियान के दौरान मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी विनोद कुमार राय, खाद्य सुरक्षा अधिकारी कन्हैया लाल यादव, सुनील कुमार और अनिल कुमार शंखवार सहित विभागीय टीम के सदस्य मौजूद रहे।

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