चैत्र नवरात्रि की शुरुआत के साथ ही राजधानी लखनऊ में खाद्य सुरक्षा को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। शुक्रवार को व्रत के दौरान इस्तेमाल होने वाले कुट्टू, सिंघाड़ा और अन्य फलाहारी खाद्य पदार्थों को लेकर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है और व्यापारियों को साफ चेतावनी दी है कि लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई होगी।
फलाहारी खाद्य पदार्थों की बढ़ती मांग के बीच सतर्कता जरूरी
नवरात्र के दौरान श्रद्धालु बड़ी संख्या में व्रत रखते हैं और फलाहार के रूप में कुट्टू आटा, सिंघाड़ा आटा, मूंगफली, मेवे, रामदाना, घी और फलाहारी मिठाइयों का सेवन करते हैं।
इसी समय इन खाद्य पदार्थों की मांग अचानक बढ़ जाती है, जिसके चलते कई बार गुणवत्ता से समझौता होने की आशंका भी बढ़ जाती है।
गलत भंडारण से बढ़ता है बीमारी का खतरा
खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि कुट्टू और सिंघाड़ा जैसे उत्पादों को यदि अत्यधिक नमी और गर्म तापमान में रखा जाए तो उनमें फफूंदी लगने का खतरा बढ़ जाता है।
ऐसी स्थिति में एफ्लाटॉक्सिन नामक जहरीला तत्व विकसित हो सकता है, जो मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक होता है। इसके सेवन से लोगों के बीमार होने और गंभीर मामलों में जान-माल की हानि तक की आशंका रहती है।
व्यापारियों को सख्त निर्देश, साफ-सफाई और मानक जरूरी
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने सभी फुटकर और थोक विक्रेताओं, सप्लायर, भंडारणकर्ता और निर्माताओं को निर्देश जारी किए हैं कि वे खाद्य पदार्थों का भंडारण सूखे, ठंडे और हवादार स्थान पर ही करें।
साथ ही पैकेट पर निर्माण तिथि और उपभोग तिथि अंकित होना अनिवार्य किया गया है। बिना तिथि वाले या एक्सपायरी उत्पादों की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
निरीक्षण अभियान तेज, पूरे जिले में छापेमारी जारी
विभाग की ओर से पूरे जिले में व्यापक निरीक्षण और प्रवर्तन कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
अधिकारियों का कहना है कि बाजार में बिक रहे फलाहारी खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की लगातार जांच की जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री मिल सके।
पिछले साल 82 नमूनों की जांच, कई निकले फेल
पिछले वर्ष नवरात्र के दौरान विभाग द्वारा 82 खाद्य नमूनों की जांच की गई थी, जिसमें 25 नमूने अधोमानक और 4 नमूने असुरक्षित पाए गए थे।
इन मामलों में संबंधित कारोबारियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई भी की गई थी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि लापरवाही पर विभाग सख्त रुख अपनाता है।
नियमों के उल्लंघन पर होगी कड़ी कार्रवाई
खाद्य विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि कोई व्यापारी खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करता है और उसकी लापरवाही से कोई अप्रिय घटना सामने आती है, तो इसे संज्ञेय अपराध मानते हुए सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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