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नोरा फतेही पर बोलीं महिला आयोग अध्यक्ष बबीता चौहान:अलीगढ़ में कहा– जहां से आईं हैं, वहीं भेज देना चाहिए, सेंसर बोर्ड को दिया नोटिस

​अलीगढ़ के विकास भवन में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचीं उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान ने बॉलीवुड अभिनेत्री नोरा फतेही के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने नोरा फतेही के गानों और डांस स्टेप्स पर ऐतराज जताया। कहा कि जहां से आई हैं, उन्हें वहीं वापस भेज देना चाहिए। नोरा फतेही ने पार की मर्यादा की सारी सीमाएं ​बबीता सिंह चौहान ने कहा कि नोरा फतेही को जो भी शोहरत मिली है, वह हिंदुस्तान की बदौलत है। उन्होंने कहा कि नोरा फतेही ने मर्यादा की सारी हदें पार कर दी हैं। उनके गाने और डांस ऐसे नहीं हैं जिन्हें परिवार के साथ बैठकर देखा जा सके। मैं इसकी कड़े शब्दों में निंदा करती हूं। कहा कि वह जहां से वो आई हैं, वहीं वापस भेज देना चाहिए। सेंसर बोर्ड पर भी उठाए सवाल बबिता चौहान ने सेंसर बोर्ड की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि NCW (राष्ट्रीय महिला आयोग) और राज्य आयोग ने इस संबंध में नोटिस जारी किया है। उन्होंने मांग की कि गाने के बोल लिखने वालों और अश्लील एक्शन करने वालों पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए। ​मुस्लिम महिलाओं के लिए बनेगा स्पेशल ऐप ​महिला आयोग की अध्यक्ष ने मुस्लिम महिलाओं की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए घोषणा की। उन्होंने कहा कि ​मुस्लिम समाज की महिलाएं अक्सर प्रताड़ित होती हैं लेकिन उनकी आवाज दबा दी जाती है। वे अपनी शिकायत दर्ज कराने में असमर्थ महसूस करती हैं। आयोग जल्द ही एक ऐसा डेडिकेटेड ऐप लॉन्च करेगा, जिस पर सिर्फ मुस्लिम महिलाएं अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगी और आयोग सीधे उनका समाधान करेगा। जिस थाली में खाओ उसी में छेद करो ​सरकारी योजनाओं के लाभ को लेकर बबीता चौहान ने एक विवादित टिप्पणी भी की। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को यह सिखा-पढ़ा कर भेजा जाता है कि ‘जिस थाली में खाओ, उसी में छेद करो’। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ‘सबका साथ-सबका विकास’ की नीति पर काम कर रही है और आयोग के लिए हर पीड़ित सिर्फ एक महिला है, उसकी कोई जाति या धर्म नहीं। उन्होंने कहा कि सभी को सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ मिल रहा है। ​टूटते परिवारों के लिए मायका और मोबाइल जिम्मेदार ​घरेलू हिंसा और बढ़ते तलाक के मामलों पर कहा कि इसका एक कारण एकल परिवार भी हैं। बड़े-बुजुर्गों की कमी के कारण छोटे विवाद बड़े झगड़ों में बदल रहे हैं। इसके अलावा बेटियों के ससुराल के मामलों में उनकी मां का दखल होना भी परिवार टूटने का कारण है। ​शादी से पहले परामर्श अनिवार्य बबिता चौहान ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश की सड़कों पर महिलाएं सुरक्षित हैं। बेटियां रात की शिफ्ट में बेखौफ काम कर रही हैं। उन्होंने घरेलू हिंसा को रोकने के लिए ‘प्री-मैरिटल काउंसलिंग’ (शादी से पहले परामर्श) को अनिवार्य और जरूरी बताया।

Source: Dainik Bhaskar via DNI News (Prayagraj)

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