जौनपुर के सिकरारा क्षेत्र के रिठी गांव में गुरुवार देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब सादे कपड़ों में पहुंचे तीन अजनबी युवकों को ग्रामीणों ने संदिग्ध समझकर मारपीट शुरू कर दी। यह घटना महाराष्ट्र से जुड़े एक आपराधिक मामले से संबंधित बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, मछलीशहर निवासी अवधेश सिंह महाराष्ट्र में रहते थे। वहां पैसे के लेनदेन को लेकर उनका किसी व्यक्ति से विवाद हो गया था, जिसके संबंध में स्थानीय थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस ने जांच के दौरान मोबाइल लोकेशन ट्रेस की, जिससे आरोपी की रिश्तेदारी जौनपुर के सिकरारा थाना क्षेत्र के रिठी गांव में होने का पता चला। बीती रात करीब 8 बजे महाराष्ट्र पुलिस के तीन जवान सादे कपड़ों में रिठी गांव पहुंचे। उन्होंने अपनी गाड़ी गांव से कुछ दूरी पर खड़ी की और सीधे उस घर में गए, जहां आरोपी की लोकेशन मिल रही थी। घर में अचानक अजनबी लोगों को देखकर परिजनों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर मौके पर जमा हो गए। उन्होंने तीनों युवकों को संदिग्ध समझकर उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। स्थिति बिगड़ती देख, तीनों पुलिसकर्मी किसी तरह अपनी जान बचाकर पास के खेतों में छिप गए। इसके बाद उन्होंने सिकरारा थाने को फोन कर मदद मांगी। सूचना मिलने पर सिकरारा थाना प्रभारी उदय प्रताप सिंह मौके पर पहुंचे। पूछताछ में पुष्टि हुई कि ये तीनों महाराष्ट्र पुलिस के जवान थे और रिठी गांव में एक आरोपी को पकड़ने आए थे। आरोपी, जो मछलीशहर का निवासी बताया गया है, पुलिस के पहुंचने से पहले ही फरार हो गया था। जांच में यह भी सामने आया कि पुलिसकर्मी अपना पहचान पत्र गाड़ी में ही भूल गए थे, जिसके कारण ग्रामीणों को उन पर शक हुआ। थाना प्रभारी ने बताया कि पूरी जांच-पड़ताल के बाद तीनों महाराष्ट्र पुलिसकर्मियों को सुरक्षित सिकरारा थाने लाया गया और बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। यह घटना रिठी गांव सहित आसपास के बाजारों और गांवों में दिनभर चर्चा का विषय बनी रही।

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