गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से लगातार दो बार विधायक चुने गए भाजपा के बिपिन सिंह अपने विकास कार्यों को लेकर आत्मविश्वास से भरे नजर आते हैं। उनका कहना है कि दो कार्यकाल में क्षेत्र में कई बड़े विकास कार्य कराए गए हैं और जनता के बीच लगातार रहने से लोगों का भरोसा मिला है। उन्होंने कहा कि वे जाति-पाति की राजनीति नहीं करते और सभी वर्गों के साथ समान व्यवहार करते हैं। आगामी चुनाव को लेकर भी वे आश्वस्त दिखे और कहा कि जो भी प्रत्याशी सामने आएगा, उसे जनता के समर्थन से हराएंगे। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने अपने कार्यकाल, विकास कार्यों और आगामी चुनाव को लेकर खुलकर बात की। पढ़िए… भाजपा विधायक बिपिन सिंह से बातचीत के प्रमुख अंश- सवाल : अपने कार्यकाल में कराए गए विकास कार्यों को लेकर आप खुद को 10 में कितने नंबर देंगे?
जवाब : नंबर देने का काम जनता का है। जनता नंबर देगी। अपने हिसाब से कोई अपना आकलन कर नहीं पाता है लेकिन मैंने अच्छा काम किया है। मुझे पूरा विश्वास है कि सब लोग मुझे पसंद करेंगे। सवाल : सबसे बड़ा काम आपने कौन सा कराया?
जवाब : हमारे क्षेत्र में पुराना गोरखपुर का इलाका घनी आबादी वाला है। उसका फोरलेन हो जाना बड़ी राहत देने वाला है। 550 करोड़ रुपए की लागत से वह प्रोजेक्ट हो रहा है। नौसढ़ में राप्ती नदी पर दो और पुल बन रहे हैं। योगीजी के आशीर्वाद से हमारे क्षेत्र में बहुत अच्छा काम हुआ है। इसलिए काम कौन बड़ा है, यह मेरे लिए कह पाना आसान नहीं है। काम छोटा हो या बड़ा, उससे जनता को सुविधा मिलती है, हमारी यही प्राथमिकता है। सवाल : ऐसा कौन सा काम है, जिसे आप नहीं करा पाए?
जवाब : हमारा बाढ़ प्रभावित इलाका है। काम तो बड़ा-बड़ा लगभग मैंने सब करा दिया है। कुछ इंडस्ट्री लगनी है। इंडस्ट्री लगेगी तो लोगों को रोजगार मिलेगा। इस पर भी काम हो रहा है। मुख्यमंत्री के आशीर्वाद से धीरे-धीरे इंडस्ट्रियां भी लग रही हैं। विरासत गलियारा चौड़ा होने से वहां के लोगों का व्यापार जिंदा हो गया। सवाल : इस बार क्या आप फिर टिकट के दावेदार हैं?
जवाब : देखिए! हम लोग तो काम करते हैं। एक कार्यकर्ता के तौर पर काम करते हैं। भाजपा संगठन आधारित पार्टी है। पार्टी आकलन करेगी, यदि हमारा बेहतर कार्य होगा तो निश्चित पार्टी लड़ाएगी। बाकी पार्टी का जो निर्णय होगा, हम मानने के लिए तैयार बैठे रहते हैं। सवाल : तो क्या इस बार आपको टिकट मिलेगा?
जवाब : जैसा मैंने पहले बताया, यह पार्टी का निर्णय होगा। पार्टी जो निर्णय लेगी, हमें स्वीकार होगा। सवाल : 2027 में आप मैदान में आते हैं तो आपका मुकाबला किससे होगा?
जवाब : गोरखपुर ग्रामीण का कुछ हिस्सा कौड़ीराम से कटकर बना है। वहां से मेरे पिता विधायक रहे हैं। निर्दल भी विधायक रहे हैं। 2017 में जब भाजपा ने मुझे यहां से प्रत्याशी बनाया तो मैं मात्र 4400 वोट से चुनाव जीता था। वह टफ परीक्षा थी लेकिन कोरोना काल में यानी 2022 में मैं चुनाव लड़ा। उस समय दो साल तक विकास कार्य भी नहीं हो पाए थे। एक साल विधायक निधि भी बंद हो गई थी। लेकिन जनता ने मोदी जी-योगी जी के कार्यों को पसंद किया। उस बार मेरी जीत का मार्जिन 24 हजार का रहा। 2022 से 2026 तक जो मैंने काम किया है, उसमें मेरा दरवाजा सबके लिए खुला है। बिचौलिए की जरूरत नहीं है। गांव में लोगों के बीच बैठता हूं। सबसे बड़ी बात भाषा अच्छी होनी चाहिए। जनता बहुत बुद्धिमान है। पिछले दो चुनाव में एक प्रत्याशी दोनों चुनाव में लड़े। इस बार कोई दिखाई नहीं देता है। मुझे विश्वास है कि हर समाज का वोट मुझे मिलेगा। सवाल : अगर निषाद प्रत्याशी सामने हो तो भी लड़ाई वैसी ही रहेगी?
जवाब : मेरा क्षेत्र निषाद बहुल है। निषाद समाज के लोग यहां से लड़े भी हैं। मैं जाति-पाति की राजनीति नहीं करता। मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि जहां निषादों की बहुलता हो, ऐसे हर गांव में उन्हें बड़े अंतर से हराउंगा। कोई 5 साल दिखाई नहीं देता है तो क्या वह चुनाव में आकर जाति के नाम पर जीत जाएगा। ऐसे लोग कहां से प्रभावी होंगे। सवाल : लगातार दो बार से आप विधायक हैं लेकिन व्यक्तिगत छवि पर दाग नहीं लगा, इसे कैसे देखते हैं?
जवाब : जो सत्ता पाकर बदल जाए, वह निश्चित ही अहंकारी होता है। जितना आप सरल होंगे, उतना आनंद मिलेगा। जनता आपको पसंद करेगी। लेकिन अहंकार जिस दिन हो गया, उसी दिन से आपका पतन भी शुरू हो जाएगा। राजनीति का आनंद लेना है तो सबके साथ मिलकर रहिए।

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