रायबरेली में एक किसान की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने शव को सड़क पर रखकर विश्वनाथगंज चौराहे पर जाम लगा दिया। जिससे यातायात कई घंटों तक बाधित रहा। परिजनों का आरोप है कि बैंक मैनेजर की धमकी के बाद किसान की तबीयत बिगड़ी थी। जिसके कारण उसकी मौत हो गई। यह घटना रायबरेली जिले के जगतपुर कोतवाली थाना क्षेत्र के छिछोरा गांव से संबंधित है। यहां के 45 वर्षीय किसान सुरेश पुत्र अयोध्या ने लगभग एक वर्ष पूर्व पंजाब नेशनल बैंक में व्यक्तिगत समस्याओं के लिए ऋण हेतु आवेदन किया था। बैंक मैनेजर ने उनसे ऋण संबंधी सभी दस्तावेज और हस्ताक्षर किए हुए पांच पोस्ट डेटेड चेक ले लिए थे।
हालांकि, बैंक मैनेजर ने बाद में सुरेश को ऋण स्वीकृत न होने की बात कहकर मना कर दिया था। परिजनों के अनुसार, 17 मार्च 2024 को बैंक मैनेजर सुरेश के घर आया और उनसे ऋण चुकाने की बात कही। जब सुरेश ने बताया कि उन्हें ऋण मिला ही नहीं है, तो मैनेजर ने कथित तौर पर उन्हें मुकदमा दर्ज कराकर जेल भेजने की धमकी दी। इस घटना के बाद 18 मार्च को सुरेश की तबीयत अचानक खराब हो गई। उन्हें इलाज के लिए रायबरेली एम्स में भर्ती कराया गया, जहां से डॉक्टरों ने उन्हें रेफर कर दिया। इसके बाद एक निजी नर्सिंग होम में उपचार के दौरान सुरेश की मृत्यु हो गई। सुरेश की मौत के बाद आज परिजनों और ग्रामीणों ने उनके शव को विश्वनाथगंज चौराहे पर रखकर सड़क जाम कर दिया। जगतपुर-डलमऊ संपर्क मार्ग अवरुद्ध हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जाम खुलवाने का प्रयास कर रही है, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।

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