गोरखपुर में बीजेपी नेता राजकुमार चौहान हत्याकांड में मृतक की पत्नी और परिवार के लोग को पुलिस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है। इस मामले में शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए उन्होंने न्याय की मांग की है। पत्नी सुशीला का कहना है कि जिन लोगों को हिरासत में लिया गया है उनको हम जानते ही नहीं है। इन लोगों के आड़ में मुख्य आरोपी को बचाया जा रहा है। पत्नी ने आरोप लगाया है कि पति के हत्या के पीछे बरगदवां के पार्षद धर्मदेव चौहान का हाथ है। मेरे पति को राजनीति में आगे बढ़ता वो देख नहीं सकते थे। इसलिए प्लान करके उनपर हमला करवाया गया। उनकी जान ली गई है। उनका एनकाउंटर होना चाहिए। जिन डंपर चालकों को हिरासत में लिया गया है, उनसे मेरे पति का कोई विवाद नहीं था। उन्होंने बताया कि मेरे पति हमेशा कहते थे कि अगर कोई मुझे मरवा सकता है तो सिर्फ धर्मदेव चौहान है। पुलिस तक नहीं पहुंच रहे सही तथ्य- आरोप
उन्होंने मुख्य आरोपी के एनकाउंटर या उनके घर पर बुलडोजर चलवाने का मांग किया है। उनका कहना है इस मामले में पुलिस हमारी पूरी मदद कर रही है। लेकिन सही तथ्य उन तक पहुंचने नहीं दिया जा रहा है। लखनऊ में बैठे एक विधायक से उनको संरक्षण मिल रहा है। बेटे को मारने के फिराक में है हत्यारे- सुशीला
पत्नी सुशीला ने आरोप लगाया कि ये प्रभावशाली लोगों की बहुत चलती है। वे लोग हत्यारों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। बताया कि आरोपी अब उनके बेटे युवराज और भतीजे नीरज को मरवाने के फिराक में हैं। जिसका डर उन्हें लगातार सता रहा है। उन्होंने बताया कि दीपक गौड़ (डम्फर संचालक) धर्मदेव चौहान, शेष यादव (डम्फर संचालक) लालजी यादव उर्फ गट्टू धर्मपाल चौहान, अमर सिंह चौधरी, मोनू पाण्डेय, सत्येन्द्र, टिल्लू चौधरी, अभय पाण्डेय ने अपने साथियों के साथ साजिश करके मेरे पति की हत्या कर दी। मामले में दीपक गौड़ और शेष यादव के डम्पर के चालकों राज चौहान और विपिन यादव को आगे करके इन लोगों के प्रभाव में केस को दूसरी तरफ मोड़ने की कोशिश की जा रही है। जिससे मुख्य आरोपीयों को सजा नहीं मिलेगी। पुलिस ने दो को हिरासत में लिया
इस मामले में कार्रवाई करते हुए चिलुआताल पुलिस ने दो आरोपियों विपिन यादव और राज चौहान को हिरासत में ले लिया है। अन्य नामजद के खिलाफ जांच की जा रही है। आरोप साबित होने पर उचित कार्रवाई की जाएगी। प्रत्यक्षदर्शी बताया था- भाजपा नेता को 4 हमलावरों ने घेरा, ताबड़तोड़ चाकू मारे
घरवालों के मुताबिक, राजकुमार (38) हर दिन मॉर्निंग वॉक पर जाते थे। मंगलवार को भी सुबह 5 बजे घर से निकले थे। करीब 30 मिनट बाद सूचना मिली कि उनकी हत्या हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घर से 500 मीटर दूर 4 हमलावरों ने उन्हें घेर लिया। जब तक वह कुछ समझ पाते, उन पर चाकू से हमला कर दिया गया। चाकू लगने के बाद वे खुद को बचाकर भागे, लेकिन हमलावरों ने दौड़ाकर उन्हें पकड़ लिया। करीब 100 मीटर दूर पकड़कर उन पर ताबड़तोड़ चाकू से वार किए। सिर, सीने और चेहरे पर 20 से 25 बार चाकू मारे गए। हमलावर कुछ देर तक वहीं रुके रहे और उनके मरने का इंतजार करते रहे। तसल्ली होने के बाद वहां से भाग गए। सूचना मिलते ही परिजन पहुंचे और उन्हें बीआरडी मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। भाजपा नेता राजकुमार चौहान की मौत की सूचना पर उनकी पत्नी सुशीला रोते-रोते बेहोश हो गईं। उनकी बहन मोहनी ने कहा—जान के बदले जान चाहिए। परिवार कौन चलाएगा? भतीजी को सरकारी नौकरी मिलनी चाहिए। वारदात से जुड़ी 2 तस्वीरें देखिए- भीड़ का हंगामा, पुलिस ने लाठी फटकार कर हटाया
वारदात के बाद 500 से ज्यादा लोग जुट गए और गोरखपुर-सोनौली रोड जाम कर हंगामा किया। सूचना पर 10 थानों की फोर्स पहुंची और लोगों को लाठी फटकार कर हटाया। पोस्टमार्टम के बाद शाम करीब 5 बजे शव घर पहुंचा, जिसके बाद परिजन अपनी मांगों पर अड़ गए। सांसद बोले- हत्यारों को बचाने वालों को राज्यसभा में नंगा कर दूंगा
राज्यसभा सदस्य डॉ. राधा मोहन अग्रवाल और कैबिनेट मंत्री दारा सिंह चौहान के समझाने पर परिवार मान गया। देर रात मोहरीपुर के पास घाट पर दाह संस्कार किया गया। इस दौरान करीब 2000 से अधिक लोग मौजूद थे। डॉ. अग्रवाल ने कहा-पार्लियामेंट छोड़कर आया हूं, जो इस हत्याकांड के आरोपियों को बचाने आएगा, उसे राज्यसभा में नंगा कर दूंगा।
भाजपा ने विधानसभा का टिकट मांग रहे थे भाजपा नेता
राजकुमार चौहान बरगदवा इलाके में रहने वाले जंगी चौहान के इकलौते बेटे थे। उनकी 18 साल पहले शादी हुई थी। उनकी 2 बेटियां- सोनम (17) और प्रियंका (13) हैं, जबकि 12 साल का बेटा युवराज है। उनकी 4 बहनें हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। बताया जा रहा है कि ओबीसी समुदाय से आने वाले राजकुमार 2027 में बस्ती से विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। वह भाजपा से टिकट मांग कर रहे थे। राजकुमार साल- 2018 से 2023 तक पार्षद प्रतिनिधि रहे। उन्होंने अपने ड्राइवर वीरेंद्र चौहान की पत्नी रिंकी देवी को पार्षद बनवाया था। बाद में रिंकी देवी ने भाजपा को समर्थन दे दिया था। एक साल पहले राजकुमार मारपीट के मामले में जेल भी गए थे।

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