औरैया में शुक्रवार को मौसम विभाग की संभावना के अनुरूप हल्की बारिश हुई। सुबह से आसमान में घने बादल छाए रहे और तेज हवा के साथ रुक-रुक कर बूंदाबांदी होती रही। सूरज पूरे दिन नहीं दिखाई दिए, जिससे दिनभर आसमान बादलों से ढका रहा। इस मौसम परिवर्तन से किसानों की चिंता बढ़ गई। किसानों के अनुसार, यह हल्की बारिश गेहूं की फसल के लिए कुछ हद तक राहत भरी रही। जिले में रबी सीजन में 90 हजार हेक्टेयर में गेहूं की बुवाई की गई थी। हाल ही में बढ़ी गर्मी के कारण गेहूं की बालियों में दाने सिकुड़ने की आशंका थी, लेकिन तापमान में गिरावट से फसल को गर्मी से राहत मिली है। हालांकि, जो गेहूं की फसल खेतों में गिरी पड़ी है, उसमें नमी के कारण रंग बिगड़ने और भाव कम मिलने की संभावना है। वहीं, खेतों में कटी पड़ी सरसों की फसल को इस बारिश से नुकसान हुआ है। कटी हुई फसल में नमी आने से फिलहाल कटाई रुक गई है। विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे पूरी फसल को एक जगह एकत्र करके रखें, क्योंकि सूखने के बाद सरसों के दाने खेत में गिर सकते हैं, जिससे उत्पादन में कमी आ सकती है। आलू की पछेती फसल की खुदाई अभी भी कुछ क्षेत्रों में बाकी है। खेतों में नमी से आलू में सड़न का खतरा बढ़ गया है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे जल्द से जल्द आलू की खुदाई पूरी करें ताकि फसल को नुकसान से बचाया जा सके। चना और मसूर की फसलों में भी बारिश के कारण बीमारी लगने का खतरा बढ़ गया है। इससे इन फसलों के उत्पादन में गिरावट आने की संभावना है। कृषि विशेषज्ञ किसानों को अपनी फसलों को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक उपाय करने की सलाह दे रहे हैं।

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