कुशीनगर में डायल 108 एम्बुलेंस सेवा ने एक बार फिर जीवनरक्षक की भूमिका निभाई। एक गर्भवती महिला ने चलती एम्बुलेंस में बच्चे को जन्म दिया। आशा कार्यकर्ता और एम्बुलेंस में तैनात ईएमटी की सूझबूझ से जच्चा और बच्चा दोनों सुरक्षित हैं। मामला कुशीनगर और देवरिया सीमा से सटे भुजौली गांव में हुई। रायपुर, छत्तीसगढ़ से आए गणेश यादव अपनी पत्नी स्वाति देवी के साथ एक ईंट भट्ठे पर काम करते हैं। शुक्रवार दोपहर स्वाति देवी को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। आशा कार्यकर्ता बिंदा ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत डायल 108 पर कॉल किया। सूचना मिलते ही एम्बुलेंस मौके पर पहुंची और प्रसूता को लेकर हाटा सीएचसी के लिए रवाना हुई। एम्बुलेंस जब नेशनल हाईवे पर हेतिमपुर-मुजहना के पास पहुंची, तो प्रसूता की स्थिति बिगड़ने लगी और एमनियोटिक फ्लूड लीक होने लगा। आपातकालीन स्थिति को देखते हुए एम्बुलेंस चालक ने गाड़ी को एक सुरक्षित स्थान पर रोका। इसके बाद, एम्बुलेंस में तैनात ईएमटी दिलीप कुमार ने आशा बिंदा की सहायता से एम्बुलेंस के भीतर ही सुरक्षित प्रसव कराया। स्वाति देवी ने एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया। प्रसव के बाद, जच्चा और नवजात को प्राथमिक उपचार के लिए हाटा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया गया है। अस्पताल के अनुसार, दोनों की हालत स्थिर है। इस घटना ने एक बार फिर आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर किया है।

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