मैनपुरी कोतवाली क्षेत्र के ग्राम रूपपुर भरतपुर में दीवानी न्यायालय के स्थायी स्थगन आदेश के बावजूद विवादित भूमि पर जबरन कब्जा करने का मामला सामने आया है। पीड़ित अरविंद कुमार ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर विपक्षी पक्ष पर दबंगई, तोड़फोड़ और अवैध कब्जे की कोशिश के गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रार्थी अरविंद कुमार पुत्र रामसनेही के अनुसार, गांव स्थित उनकी पुश्तैनी जमीन को लेकर वर्ष 1975 से दीवानी न्यायालय में रामसनेही बनाम रामप्रकाश के नाम से मुकदमा विचाराधीन है। इस भूमि पर न्यायालय द्वारा स्थायी स्टे आदेश भी जारी किया जा चुका है। पीड़ित का कहना है कि लंबे समय से उक्त भूमि पर उनका ही कब्जा चला आ रहा है। आरोप है कि विपक्षी प्रेम सिंह, पुष्पेन्द्र, प्रदीप, देवसिंह और अम्बुज सिंह निवासी रूपपुर भरतपुर ने न्यायालय के आदेश की अनदेखी की। उन्होंने विवादित रकबे पर जबरन गेट लगा दिया। इसके साथ ही वहां पहले से लगे जानवर बांधने के खूंटों को उखाड़कर फेंक दिया गया और नाद व लिडौरी को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया। पीड़ित का आरोप है कि यह पूरी कार्रवाई दबंगई के बल पर की गई है और इसका उद्देश्य उसकी जमीन पर अवैध कब्जा करना है। जब अरविंद कुमार ने इस कृत्य का विरोध किया, तो आरोपी पक्ष झगड़ा करने पर आमादा हो गया और उसे जान-माल की धमकियां दीं। घटना के बाद से अरविंद कुमार और उनका परिवार भयभीत है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही विवादित भूमि से अवैध रूप से लगाया गया गेट हटवाया जाए।

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