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अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस पर लखनऊ में राष्ट्रीय वानिकी संवाद:शनिवार को सीएम करेंगे शुभारंभ,इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में कार्यशाला, वनों के संरक्षण, अर्थव्यवस्था और तकनीकी सुधारों पर होगा विचार-विमर्श

शानिवार को अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस के मौके पर उत्तर प्रदेश में वनों के संरक्षण, विकास और अर्थव्यवस्था में उनकी भूमिका को लेकर बड़ा आयोजन किया जा रहा है। राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में “अरण्य समागम: राष्ट्रीय वानिकी संवाद” नाम से एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित होगी, जिसका शुभारंभ मुख्यमंत्री सुबह 10 बजे करेंगे। इस कार्यक्रम में वन एवं पर्यावरण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, विशेषज्ञ और देशभर से आए वनाधिकारी हिस्सा लेंगे। कार्यशाला का उद्देश्य वनों को लेकर जागरूकता बढ़ाना और उन्हें जन आंदोलन का रूप देना है। तकनीकी सत्रों में कई अहम मुद्दों पर चर्चा कार्यशाला का मुख्य विषय “वन एवं अर्थव्यवस्थाएं” रखा गया है। इसमें वानिकी क्षेत्र में किए जा रहे नवाचार, वन प्रबंधन का आधुनिकीकरण, डिजिटलीकरण और मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के उपायों पर चर्चा होगी। साथ ही, कैम्पा फंड के प्रभावी उपयोग और वन्यजीव संरक्षण के उपायों पर भी विशेषज्ञ अपने विचार साझा करेंगे। वन अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार विशेषज्ञों के अनुसार वन केवल पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में ही नहीं, बल्कि रोजगार, आजीविका और उद्योगों के लिए कच्चा माल उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रदेश में वन आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए नियमों को सरल बनाया गया है, जिससे पिछले नौ वर्षों में 2467 से अधिक उद्योग स्थापित हुए हैं। 243 करोड़ पौधरोपण, वन क्षेत्र में बढ़ोतरी प्रदेश में बीते नौ वर्षों में व्यापक जनभागीदारी के साथ 243 करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए हैं। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं, जिसमें वनावरण में वृद्धि के साथ बाघ, हाथी, डॉल्फिन, सारस और गिद्धों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। वृक्षारोपण बना जन आंदोलन उत्तर प्रदेश में वृक्षारोपण को अभियान नहीं, बल्कि जन आंदोलन का रूप दिया गया है। विश्व पर्यावरण दिवस, वन महोत्सव और अन्य अवसरों पर बड़े स्तर पर पौधरोपण के साथ पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जाते हैं। नदियों के किनारों, एक्सप्रेस-वे और राजमार्गों के आसपास भी बड़े पैमाने पर पौधे लगाए जा रहे हैं। साथ ही अटल वन, एकलव्य वन, ऑक्सी वन और शौर्य वन जैसे विशेष वन विकसित किए गए हैं। किसानों को कार्बन क्रेडिट से आर्थिक लाभ प्रदेश सरकार ने किसानों को वृक्षारोपण से जोड़ते हुए कार्बन फाइनेंस प्रोजेक्ट शुरू किया है। इसके तहत किसानों को कार्बन क्रेडिट के बदले आर्थिक लाभ दिया जा रहा है। इस पहल को लागू करने वाला उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है।

Source: Dainik Bhaskar via DNI News (Prayagraj)

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