केंद्रीय राज्यमंत्री और राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी को जान से मारने की धमकी मिली है। धमकी 17 मार्च की रात को फोन पर कॉल करके दी गई है। किसी अंजान नंबर से कॉल आया, जिसमें कहा गया कि जयंत चौधरी को जान से मार देंगे। इस पूरे मामले की शिकायत पुलिस से की गई है। पुलिस इसकी जांच कर रही है।
पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार कुछ दिन पहले ही केंद्रीय राज्यमंत्री पश्चिम बंगाल में एक कार्यक्रम में गए थे। इसके बाद वो दिल्ली लौटे। इसके बाद उनका आगरा में सार्वजनिक कार्यक्रम था। इस टूर की जानकारी केवल कुछ आपसी लोगों को ही थी। लेकिन ये टूर प्लान सार्वजनिक रूप से सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। इसके बाद उनके स्टाफ को मंत्री को जान से मारने की धमकी दी गई।
स्टाफ को फोन कॉल कर और व्हाट़सएप पर मैसेज भेजकर उनको ये धमकी दी गई। इसके बाद स्टाफ ने इसकी शिकायत दिल्ली पुलिस को दी थी। दिल्ली पुलिस ने मामले की जांच की और पश्चिम बंगाल पुलिस को भी इस धमकी की जानकारी दी गई है। अब दिल्ली पुलिस के साथ ही बंगाल पुलिस भी इस धमकी की जांच कर रही है। आखिर किसने और कहां से केंद्रीय मंत्री को ये धमकी दी है। अब जानिए तहरीर में क्या है…
जयंत चौधरी के असिस्टेंट विश्वेंद्र शाह की ओर से दिल्ली के तुगलक पुलिस को इस संबंध में शिकायत की है। जिसमें फोन पर मिली धमकी का जिक्र किया गया है। साथ ही सारे मैसेज, रिकार्डिंग भी दी है। केंद्रीय राज्यमंत्री जयंत के प्रथम निजी सहायक (विश्वेन्द्र शाह) शिकायती पत्र में ये लिखा है दिनांक 18 मार्च 2026 को सुबह लगभग 11:00 बजे मेरे मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से फोन आया। फोन उठाते ही कॉल करने वाला व्यक्ति जयंत चौधरी को जान से मारने की धमकी देने लगा। उसने मुझसे पूछा कि क्या मैंने वे कागज़ देखे हैं जो उसने मेरे फोन पर भेजे हैं और साथ ही उसने MP5 जैसे हथियारों का जिक्र करते हुए कहा कि वह इन्हीं से मारेगा। इतना कहकर उसने फोन काट दिया। जब मैंने उसके नंबर से आए व्हाट्सएप संदेशों को खोलकर देखा, तो उसमें मंत्री का ‘सरकारी टूर प्रोग्राम’ (प्रति संलग्न) था, जिस पर स्पष्ट रूप से ‘इनको गोली मार दो लिखा हुआ था। इसके अतिरिक्त, उसने व्हाट्सएप पर लोकेशन और कुछ वॉयस मैसेज भी भेजे, जिनमें निरंतर जान से मारने की धमकियां दी जा रही थीं। उस नंबर पर जब दोबारा फोन करके उससे पूछा गया कि मंत्री का टूर प्रोग्राम उसके पास कहां से आया, तो उसने जवाब दिया कि उसे यह ‘ऊपर’ से भेजा गया है। इस घटना के तुरंत बाद हमने फोन के माध्यम से तुगलक रोड थानाध्यक्ष को सूचना दी और मोबाइल पर प्राप्त सभी साक्ष्य पुलिस को भेज दिए। इस बीच एक और गंभीर जानकारी सामने आई है कि कोई अज्ञात व्यक्ति हमारे आवास के पिछले गेट की जासूसी कर रहा है और इस बात की निगरानी रख रहा है कि दरवाजा किस समय खुलता और बंद होता है और कौन आता-जाता है। लगभग तीन दिन पहले रात 9:00 से 10:00 बजे के बीच एक सफेद रंग की स्विफ्ट गाड़ी, जिसके शीशे काले थे, कोठी के दूसरी तरफ काफी देर तक खड़ी रही और उसमें सवार लोग कोठी की निगरानी कर रहे थे।

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