बलिया कलेक्ट्रेट में शुक्रवार को ग्राम सभा परिखरा (नयी बस्ती) के निवासियों ने रिहायशी इलाके से शराब की दुकान हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। महिलाओं और पुरुषों सहित ग्रामीणों ने जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह को अपनी समस्या बताई, जिस पर जिलाधिकारी ने तत्काल समाधान का आश्वासन दिया। ग्रामीणों के अनुसार, उनकी बस्ती में कई वर्षों से शराब का ठेका संचालित है। उन्होंने बताया कि पहले जमीन मालिक से आग्रह करने पर ठेका हटाने की सहमति बनी थी। हालांकि, अब उसी स्थान के पास एक दूसरे प्लॉट पर घरों से सटाकर फिर से ठेके के लिए शेड बनाया जा रहा है। सड़क और घरों के पास खड़े होकर पीते है शराब शराब के ठेके के 100 मीटर के दायरे में सैकड़ों घर हैं। बहादुरपुर से परिखरा जाने का मुख्य रास्ता भी इसी जगह से गुजरता है, जिससे बच्चों और महिलाओं को दिनभर यहां से गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों ने शिकायत की कि ठेके के पास सुबह से देर रात तक असामाजिक तत्वों का जमावड़ा रहता है, जिससे बच्चों और महिलाओं को डर लगता है और आपराधिक घटनाओं की आशंका बनी रहती है। शराब पीने वाले अक्सर सड़क और घरों के पास खड़े होकर शराब पीते हैं, आपस में बहस और गाली-गलौज करते हैं। शराब की खाली बोतलें और पानी के पाउच यत्र-तत्र फेंके जाते हैं, जिन्हें ठेके वाले इकट्ठा करके जलाते हैं, जिससे निकलने वाला प्रदूषित धुआं हवा में घुलता है। इसके अलावा, शराब पीने वाले अपनी बाइक, साइकिल और अन्य वाहन घरों के सामने खड़ी कर देते हैं, जिससे निवासियों को अपनी गाड़ियां निकालने में परेशानी होती है। टोकने पर वे अभद्रता करते हैं और झगड़े पर उतारू हो जाते हैं। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि ठेके के कारण लोग सब्जी और किराना की दुकानों पर जाने से कतराते हैं। ठेके के उत्तर और दक्षिण दिशा में थोड़ी ही दूरी पर मंदिर हैं, जहां पूजा-पाठ के लिए जाना भी मुश्किल हो गया है। इन सभी समस्याओं को देखते हुए, ग्रामीणों ने जनहित, सामाजिक सुरक्षा, तथा महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शराब के ठेके को तत्काल यहां से स्थानांतरित करने की मांग की है।

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