बिजनौर के धामपुर से भाजपा विधायक अशोक राणा ने अपने कार्यकाल के विकास कार्यों को गिनाया। उन्होंने क्षेत्र में कराए गए सड़क, पुल और आधारभूत ढांचे के काम गिनाए। उनका कहना है कि आने वाले चुनाव में वो अपने बेटे को मौका दिलाने की पैरवी करेंगे। उनका दावा है कि योगी सरकार की कार्यप्रणाली और कानून-व्यवस्था में एंटी-इनकंबेंसी नहीं है। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में धामपुर विधायक ने सवालों के बेबाकी से जवाब दिए। पढ़िये पूरा इंटरव्यू… सवाल: आपने अपने क्षेत्र में कौन-कौन से बड़े काम कराए?
जवाब: मेरी विधानसभा में शायद ही कोई ऐसा गांव होगा, जो कम से कम दो तरफ से पक्की सड़क से जुड़ा न हो। शेरकोट की तरफ कोपा गांव पहले केवल एक रास्ते से जुड़ा था, जहां बरसात में पानी भर जाता था और लोगों को काफी परेशानी होती थी। मैंने उस गांव को हरेवाली से भी जोड़कर सड़क चौड़ी कराई और पुलिया बनवाई। इससे पूरे क्षेत्र का विकास हुआ। वहां पानी की समस्या को देखते हुए करीब 300 फीट गहराई तक बोरिंग होती है, इसलिए मैंने 10 सरकारी ट्यूबवेल लगवाए। धामपुर रेलवे प्लेटफॉर्म का काम लगभग पूरा हो चुका है, जिस पर सरकार ने बड़ा बजट खर्च किया है। धामपुर रोडवेज का निर्माण भी शुरू हो गया है। मैंने परिवहन मंत्री दया शंकर सिंह से एक बार आग्रह किया, जिसके बाद 3 करोड़ 84 लाख रुपए स्वीकृत हो गए। स्योहरा में जाम की समस्या के समाधान के लिए रेलवे ओवरब्रिज स्वीकृत कराया गया है। जैतरा में अंडरपास भी स्वीकृत हो चुका है। सवाल: कोई बड़ा काम जो अभी बाकी है?
जवाब: राजपूताना से दुर्गा विहार कॉलोनी तक सड़क चौड़ीकरण का काम शुरू हो चुका है। चकराज मल के पास से एक नया बाईपास निकाला जा रहा है, जिसके लिए 44 करोड़ रुपए स्वीकृत हो चुके हैं। यह बाईपास हाईवे से जुड़ेगा, जिससे मुरादाबाद की तरफ से आने वाला ट्रैफिक डायवर्ट होगा और धामपुर शहर को जाम से राहत मिलेगी। सवाल: विकास कार्यों के आधार पर खुद को 10 में से कितने नंबर देंगे?
जवाब: नंबर देने का काम जनता का है। मैं 1989 से अब तक चार बार विधायक रह चुका हूं। यह जनता के प्यार और विश्वास का परिणाम है। सवाल: क्या आप मानते हैं कि जनता आपको पसंद करती है?
जवाब: मेरा अधिकतर समय जनता के बीच ही बीतता है। घर पर एक तख्त है, जहां मैं रोज सुबह से दोपहर 2 बजे तक लोगों से मिलता हूं। बहुत जरूरी होने पर ही कहीं बाहर जाता हूं। सवाल: क्या इस बार भी आप चुनाव लड़ेंगे?
जवाब: राजनीति मेरे लिए एक शौक है। ईश्वर की कृपा से मेरा अपना कारोबार है और मुझे कभी पैसे की चाहत नहीं रही। अब तक 10-12 चुनाव लड़ चुका हूं, इसलिए दावेदारी तो रहेगी। लेकिन अब उम्र का तकाजा है। मैं पार्टी से अनुरोध करूंगा कि इस बार मेरे बेटे को मौका दिया जाए। अगर उसे टिकट मिलता है, तो मैं उसे पूरी मजबूती से चुनाव लड़ाऊंगा। सवाल: सपा के पीडीए फॉर्मूले और 2027 के चुनाव को लेकर आपका क्या कहना है?
जवाब: समाजवादी पार्टी का पीडीए फॉर्मूला उनका अपना तरीका है। आमतौर पर हर सरकार के खिलाफ एंटी-इनकंबेंसी होती है, लेकिन योगी के खिलाफ ऐसा माहौल नहीं है। उन्होंने उत्तर प्रदेश को गुंडागर्दी से निकालकर बेहतर कानून-व्यवस्था वाला प्रदेश बनाया है। बड़े उद्योगपति यहां निवेश कर रहे हैं। मैंने खुद एक मटर प्रोसेसिंग प्लांट लगाया, जिसकी फाइल तीन महीने में पास हो गई और काम शुरू हो गया। बिना किसी सिफारिश के काम होना दिखाता है कि सरकार जीरो टॉलरेंस पर काम कर रही है।

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