कानपुर के चकेरी थाना क्षेत्र के लालबंगला इलाके में लंबे समय से चल रहे अवैध गैस रिफिलिंग के धंधे का भंडाफोड़ हुआ है। गुरुवार को एडीएम आपूर्ति सहित कई अधिकारियों ने अचानक छापेमारी की, जिससे कई दुकानदार अपनी दुकानें बंद कर भाग निकले। इस मामले में पूर्ति निरीक्षक की तहरीर पर तीन दुकानदारों के खिलाफ चकेरी थाने में आवश्यक वस्तु अधिनियम 1995 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पूर्ति निरीक्षक दिनेश वर्मा की प्राथमिकी के अनुसार, एडीएम आपूर्ति के नेतृत्व में छह टीमें गठित की गई थीं। लालबंगला की तीन दुकानों पर की गई छापेमारी में कुल 38 सिलेंडर और चार पेट्रोमैक्स बरामद हुए। जांच में सामने आया कि ये तीनों दुकानदार घरेलू और व्यावसायिक सिलेंडरों से अवैध रूप से गैस रिफिलिंग का काम करते थे। संतोष साहू, श्वेता साहू और गौरव साहू के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। हालांकि, छापेमारी के बाद एडीएम आपूर्ति राजेश कुमार ने कुल 46 सिलेंडर बरामद होने की पुष्टि की थी। छापेमारी के दौरान दुकानों से भारी मात्रा में सिलेंडर मिलना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। जहां आम लोगों को सिलेंडर लेने के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है और ओटीपी होने के बावजूद 4-5 दिन का इंतजार करना पड़ रहा है, वहीं इन कालाबाजारी करने वाले दुकानदारों तक इतनी बड़ी संख्या में सिलेंडर कैसे पहुंच रहे थे, यह जांच का विषय है। गैस की किल्लत का फायदा उठाकर दुकानदार अधिक मुनाफे के लालच में 250 से 400 रुपये प्रति किलोग्राम रिफिलिंग कर रहें। लालबंगला बाजार में छापेमारी की खबर फैलते ही कई अन्य दुकानदार अपनी दुकानें बंदकर मौके से फरार हो गए। एसडीएम ने बताया कि सूचना मिलने पर टीम के साथ कार्रवाई की गई और कुल 46 सिलेंडर बरामद होने की पुष्टि की थी। जब उनसे पूछा गया कि कड़ी धूप में लाइन में लगे लोगों को सिलेंडर नहीं मिल रहा, तो इन दुकानदारों को कैसे मिला, उन्होंने कहा कि यह जांच का विषय है और इस पर जांच की जाएगी। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन भी दिया। थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्र ने बताया कि मुकदमा दर्जकर जांच शुरू कर दी गई है।

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