जौनपुर में चैत्र नवरात्र के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी स्वरूप की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। इस अवसर पर शीतला चौकिया धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मां शीतला का गेंदा-दौना की माला और रंग-बिरंगी चुनरी से भव्य श्रृंगार किया गया। साथ ही बर्फी, पेड़ा और फल का भोग अर्पित किया गया। भोर में मंदिर के कपाट खुलने के बाद आरती हुई, जिसके बाद से ही दर्शन के लिए लंबी कतारें लग गईं, जो दोपहर तक बनी रहीं। मां शीतला के दर्शन के बाद श्रद्धालुओं ने काल भैरव और सत्यनारायण भगवान का भी पूजन किया। महिला श्रद्धालुओं ने विशेष रूप से हलवा-पूरी बनाकर प्रसाद के रूप में चढ़ाया। सुल्तानपुर, आजमगढ़ और गाजीपुर समेत आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में भक्त चौकिया धाम पहुंचे। पौराणिक मान्यता है कि नवरात्र के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की साधना से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। चौकिया धाम के महंत विवेकानंद पंडा ने बताया कि मां का स्वरूप शांत और ध्यानमग्न है। वहीं ज्योतिषी टीपी त्रिपाठी के अनुसार कुमकुम, अक्षत, सुगंधित इत्र, लाल चुनरी और नारियल से पूजा करना विशेष फलदायी होता है। उन्होंने शुद्ध गुग्गुल में घृत मिलाकर नित्य धूनी दिखाने की भी सलाह दी। —————- ये खबर भी पढ़िए- धुरंधर-2 रिव्यू; रणवीर की फिर दमदार परफॉर्मेंस:नोटबंदी और राजनीतिक कड़ियों से जुड़ी कहानी, जानिए कैसी है फिल्म रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ यानी धुरंधर 2 पहले पार्ट की ब्लॉकबस्टर सफलता के बाद बड़े स्केल पर लौटी है। इस बार फिल्म सिर्फ गैंगवार या बदले की कहानी नहीं रहती, बल्कि नोटबंदी से लेकर देश की कई बड़ी घटनाओं को जोड़ते हुए एक बड़ा नैरेटिव पेश करती है। उम्मीदें जितनी ऊंची थीं, फिल्म कई जगह उन्हें पूरा करती है, तो कुछ जगह थोड़ा चूक भी जाती है। कहानी जसकीरत सिंह रांगी के अतीत से शुरू होती है, जो अपने परिवार के साथ हुए अन्याय के बाद अपराध की दुनिया में कदम रखता है। जेल से निकलकर वह भारत के लिए काम करने का मौका पाता है और पाकिस्तान में हमजा अली मजारी बनकर अंडरकवर मिशन पर जाता है। पढ़ें पूरी खबर

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