देवरिया में चैत्र नवरात्र के दूसरे दिन शुक्रवार को मां ब्रह्मचारिणी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। इस अवसर पर जिलेभर के मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भक्तों ने मां के जयकारों के बीच दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की। शहर के प्रमुख मंदिरों, खासकर देवरही मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। भक्तों ने घी के दीप जलाकर फल-फूल और मिष्ठान्न अर्पित किए। वहीं लाहिलपार दुर्गा मंदिर सहित अन्य शक्तिपीठों पर भी दिनभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। नवरात्र के दूसरे दिन मां आदिशक्ति के द्वितीय स्वरूप ब्रह्मचारिणी की विशेष आराधना की गई। घरों में भी श्रद्धालुओं ने स्नान कर कलश स्थापना के साथ विधि-विधान से पूजा की। मां के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर धूप-दीप अर्पित किया गया। इस दौरान दुर्गा सप्तशती और श्रीरामचरितमानस का पाठ किया गया। परिवार के सभी सदस्य एक साथ आरती में शामिल हुए और प्रसाद ग्रहण किया। गायत्री परिवार से जुड़े लोगों ने ध्यान लगाकर गायत्री मंत्र का जप किया। वहीं मंदिरों में घंटा-घड़ियाल की गूंज और भजन-कीर्तन से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रद्धालु कतारबद्ध होकर अपनी बारी का इंतजार करते दिखे, वहीं स्वयंसेवक व्यवस्था संभालते नजर आए। देवरही मंदिर में दिन चढ़ने के साथ श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती गई। जिला प्रशासन की ओर से 23 मार्च को यहां भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम की तैयारियां भी की जा रही हैं। —————- ये खबर भी पढ़िए- धुरंधर-2 रिव्यू; रणवीर की फिर दमदार परफॉर्मेंस:नोटबंदी और राजनीतिक कड़ियों से जुड़ी कहानी, जानिए कैसी है फिल्म रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ यानी धुरंधर 2 पहले पार्ट की ब्लॉकबस्टर सफलता के बाद बड़े स्केल पर लौटी है। इस बार फिल्म सिर्फ गैंगवार या बदले की कहानी नहीं रहती, बल्कि नोटबंदी से लेकर देश की कई बड़ी घटनाओं को जोड़ते हुए एक बड़ा नैरेटिव पेश करती है। उम्मीदें जितनी ऊंची थीं, फिल्म कई जगह उन्हें पूरा करती है, तो कुछ जगह थोड़ा चूक भी जाती है। कहानी जसकीरत सिंह रांगी के अतीत से शुरू होती है, जो अपने परिवार के साथ हुए अन्याय के बाद अपराध की दुनिया में कदम रखता है। जेल से निकलकर वह भारत के लिए काम करने का मौका पाता है और पाकिस्तान में हमजा अली मजारी बनकर अंडरकवर मिशन पर जाता है। पढ़ें पूरी खबर

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