श्रावस्ती जिले में चल रही ‘शिक्षा सत्याग्रह जन अधिकार यात्रा’ के दौरान एक दिव्यांग छात्र की समस्या सामने आई है। कक्षा 10 के छात्र सत्यम मिश्रा ने कथित आरोप लगाया है कि वह पिछले चार महीनों से अपनी छात्रवृत्ति के लिए सरकारी कार्यालयों और डॉक्टरों के चक्कर लगा रहे हैं। सत्यम दोनों हाथों से दिव्यांग हैं और उनके अंगूठे नहीं हैं। इस कारण उनका बायोमेट्रिक सत्यापन नहीं हो पा रहा है। छात्र का कहना है कि इसी वजह से चिकित्सा प्रमाणीकरण में देरी हुई और प्रशासनिक लापरवाही के कारण उनकी छात्रवृत्ति अटकी हुई है। आर्थिक सहायता न मिलने से उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इस मामले पर ‘राष्ट्रीय छात्र पंचायत’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवम पांडेय ने प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि एक दिव्यांग छात्र को शिक्षा के अधिकार के लिए महीनों तक भटकना दुर्भाग्यपूर्ण है और यह प्रशासन की संवेदनहीनता को दर्शाता है। संगठन ने प्रशासन से 48 घंटे के भीतर छात्रवृत्ति जारी करने की मांग की है। इसके अतिरिक्त, जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित डॉक्टरों पर सख्त कार्रवाई करने तथा दिव्यांग छात्रों के लिए ‘सिंगल विंडो सिस्टम’ लागू करने की भी मांग की गई है। राष्ट्रीय छात्र पंचायत ने चेतावनी दी है कि यदि इस समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे इस मुद्दे पर व्यापक आंदोलन करेंगे।

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