उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले की बिलग्राम-मल्लावां विधानसभा सीट पर 2027 के चुनाव से पहले इंडिया गठबंधन के भीतर खींचतान शुरू हो गई है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष विक्रम पांडे और समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष व प्रवक्ता जितेंद्र वर्मा ‘जीतू’ के बीच सोशल मीडिया पर तीखी बहस देखने को मिली है। विवाद की शुरुआत कांग्रेस जिलाध्यक्ष विक्रम पांडे की एक सोशल मीडिया पोस्ट से हुई। उन्होंने अपनी पोस्ट में 2022 में क्षेत्र में हुई प्रियंका गांधी की रैली का उल्लेख करते हुए कांग्रेस की सक्रियता पर जोर दिया था। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सपा नेता जितेंद्र वर्मा ‘जीतू’ ने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में बिलग्राम-मल्लावां सीट से समाजवादी पार्टी का ही उम्मीदवार विधायक बनेगा। उन्होंने कहा कि यह उम्मीदवार या तो वह स्वयं होंगे या कुर्मी समाज का कोई अन्य नेता। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया। जीतू वर्मा ने कहा कि वह सुभाष पाल को टिकट नहीं मिलने देंगे। वहीं, विक्रम पांडे ने जीतू वर्मा की समाजवादी पार्टी में हैसियत पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह इस संबंध में पार्टी अध्यक्ष को पत्र लिखेंगे। उल्लेखनीय है कि 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के आशीष कुमार सिंह ‘आशू’ ने 82,075 वोट हासिल कर इस सीट पर जीत दर्ज की थी। उस चुनाव में समाजवादी पार्टी दूसरे और कांग्रेस तीसरे स्थान पर रही थी। इसी चुनावी प्रदर्शन के आधार पर समाजवादी पार्टी के नेता बिलग्राम-मल्लावां सीट पर अपना दावा मजबूत बता रहे हैं। फिलहाल, सोशल मीडिया पर चल रही यह जुबानी जंग इंडिया गठबंधन के भीतर की जमीनी हकीकत को दर्शाती है, जहां तालमेल के दावों के बावजूद अंदरूनी खींचतान जारी है।

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